केरल के स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और देवस्वम मंत्री के. मुरलीधरन ने सोमवार को मानसून सीजन से पहले राज्यभर के अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने, अस्पतालों में साफ-सफाई बेहतर बनाने और सर्जरी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि वह पिछली सरकार को दोष देने का इरादा नहीं रखते, लेकिन विभिन्न अस्पतालों में इलाज में लापरवाही के आरोपों से जुड़ी रिपोर्टों की समीक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मैंने अधिकारियों के साथ बैठक कर प्री-मानसून सफाई कार्यों की समीक्षा की। कार्यभार संभालने के बाद आगे की रणनीति पर चर्चा हुई है और मेरा उद्देश्य पिछली सरकार को दोष देना नहीं है।” मंत्री ने बताया कि पदभार संभालने के चार दिनों के भीतर ही उन्होंने अस्पतालों की व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। मुरलीधरन ने जिला चिकित्सा अधिकारियों (DMO), मेडिकल एजुकेशन निदेशालय (DME) और स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (DHS) को निर्देश दिया कि अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता लगातार बनी रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जाए और मरीजों को दवाओं की कमी के कारण परेशान न होना पड़े।” स्वास्थ्य मंत्री ने सर्जरी के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और एनेस्थीसिया विभाग भी पूरा सहयोग दे।
कोझेनचेरी जिला अस्पताल में एक महिला के शरीर में करीब एक साल तक टूटी हुई सिरिंज की सुई रहने के मामले पर मंत्री ने कहा कि सरकार हर रिपोर्ट को आंख बंद करके स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “रिपोर्ट में यह भी पूछा गया है कि मरीज ने 2023 के बाद कहीं और इलाज कराया था या नहीं। हम इसे सीधे स्वीकार नहीं कर रहे हैं।”
वहीं, चिरायिनकीझू अस्पताल में सांप के काटने के बाद एक युवक को सही इलाज न मिलने के आरोप पर मंत्री ने कहा कि संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा, “डॉक्टर से गलती हुई है और कार्रवाई की जाएगी।” मंत्री ने 30 तारीख को राज्यस्तरीय स्वच्छता अभियान चलाने की घोषणा भी की, जिसका उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई और स्वच्छता मानकों को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार अस्पतालों में मरीजों को फर्श पर लेटने की स्थिति खत्म करना चाहती है। जहां डॉक्टरों की कमी होगी, वहां अतिरिक्त पद सृजित किए जाएंगे, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत की जा सकें।