हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 18 से 21 दिसंबर तक चलेगा. इसमें कुल चार बैठकें होंगी. इनमें से एक एक प्राइवेट मेंबर डे होगा. इस बार शीत सत्र से शून्यकाल भी शुरू होगा. मंगलवार को तपोवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय को अभी तक 248 तारांकित प्रश्न मिले हैं. 68 अतारांकित प्रश्न मिले हैं.
नियम 62 के तहत चर्चा के लिए पांच, नियम 63 में एक, नियम 101 के तहत पांच व नियम 130 के अंतर्गत तीन सूचानाएं प्राप्त हुई हैं. पठानिया ने कहा कि चार दिवसीय सत्र में एक प्राइवेट मेंबर डे होगा. बाकि तीन दिन में सत्तापक्ष-विपक्ष के सवालों-जवाबों के अलावा सदन में रखे जाने वाले विधेयकों पर चर्चा होगी. उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा की कार्यवाही को लाइव दिखाने के लिए और बजट की जरूरत है. आने वाले समय में इस पर भी फैसला होगा.
कुलदीप पठानिया ने कहा कि राज्यसभा व लोकसभा की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में शून्यकाल का प्रयोग किया था. अब शीतसत्र से इसे नियमित रूप से शुरू किया जा रहा है. 12.00 से 12.30 बजे तक सदस्य जनता से जुड़े मुद्दे उठा सकेंगे. सत्र शुरू होने से डेढ़ घंटा पहले विधानसभा सचिवालय को पूछे जाने वाले प्रश्नों की सूचना देनी होगी. एक सदस्य अधिकतम दो सवाल पूछ सकेगा. प्रत्येक सदस्य को चार से पांच मिनट दिए जाएंगे. पूछे गए सवाल का उत्तर संबंधित विभाग से लिया जाएगा.
भाजपा विधायकों के मामले पर अध्यक्ष ने कहा कि यह विधानसभा के अंदर की कार्रवाई है और अभी लंबित है. विधानसभा के अंदर ही इसका फैसला होगा. पठानिया ने कहा कि हिमाचल विधानसभा पहली ई-विधानसभा है. इसका सभी राज्यों की विधानसभाओं व लोकसभा ने भी अनुसरण किया है. तपोवन धर्मशाला को भी ई-विधानसभा बनाया गया है.