Madhya Pradesh: दूषित पेयजल से दस्त के प्रकोप पर काबू पाने के लिए मध्य प्रदेश में इंदौर के भागीरथपुरा में जिला अधिकारियों का सर्वे रविवार को जारी रहा। सर्वे शनिवार को शुरू हुआ था। सर्वे का मकसद जल्द मरीजों की पहचान करना है, ताकि समय रहते उनका इलाज किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर नमूने ले रही हैं और लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही हैं।
दूषित पानी के स्रोत का पता लगाने के लिए पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति फिलहाल बंद कर दी गई है। भागीरथपुरा में टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। हालांकि, लोगों का आरोप है कि उनकी रोजमर्रे की जरूरतों के अनुरूप पानी की आपूर्ति पर्याप्त नहीं है। साथ ही जो भी पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, वो पीने लायक नहीं है।
अधिकारियों के मुताबिक दस्त के कारण अब तक 354 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें 205 को डिस्चार्ज कर दिया गया। 149 मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें 20 आईसीयू में भर्ती हैं। प्रशासन के मुताबिक अब तक छह मरीजों की मौत हुई है।
हालांकि, इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को कहा था कि उन्हें इस प्रकोप से जुड़े 10 लोगों के मौत की जानकारी है। उधर आम लोगों का दावा है कि अब तक 16 लोगों की जान जा चुकी है।