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बिहार में बाढ़ का कहर, नाव से स्कूल पहुंच रहे 300 बच्चे, रास्ते डूबे

नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार में गंगा, कोसी और बरंडी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इसका असर आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ा है। कई इलाकों में रास्ते पानी में डूब गए हैं, जिसके कारण बच्चों को स्कूल जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रतापगंज के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में करीब 300 बच्चे पढ़ते हैं। बाढ़ के पानी ने स्कूल को चारों तरफ से घेर लिया है। स्कूल जाने वाला मुख्य रास्ता भी पूरी तरह पानी में डूब गया है।

ऐसे में बच्चों को रोजाना निजी नाव से स्कूल लाया और ले जाया जाता है। शिक्षक और बच्चों के परिवार इस स्थिति को लेकर काफी चिंतित हैं। स्कूल के शिक्षक अब्दुल बारीक ने बताया कि नाव में बैठते समय डर लगता है। उन्होंने कहा कि अगर यहां ऊंचा पुल बना दिया जाए तो बच्चों और शिक्षकों को रोज इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

शिक्षक ने बताया कि स्कूल के लिए सरकार की ओर से नाव की सुविधा नहीं दी गई है। ऐसे में परिवारों और स्कूल स्टाफ को खुद ही आने-जाने का इंतजाम करना पड़ रहा है। स्थानीय नाविक आबेद अली अपनी नाव से बच्चों को स्कूल पहुंचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह बच्चों को सावधानी से नाव में बैठाते हैं और सुरक्षित तरीके से स्कूल तक पहुंचाते हैं। इसके लिए वह 500 रुपये लेते हैं।

बच्चों के माता-पिता भी बाढ़ के पानी के बीच उन्हें स्कूल भेजने को लेकर डरे हुए हैं। एक छात्र की मां अंजली देवी ने बताया कि कुछ समय पहले इसी पानी में एक नाव डूब गई थी। उनका कहना है कि अगर यहां पुल बन जाए तो बच्चों के आने-जाने में आसानी होगी और डर भी कम होगा। गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कई दूसरी नदियों का जलस्तर भी बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

नकटा दीयारा और आसपास के नदी किनारे के इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है। कई सड़कें डूब गई हैं। लोगों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी खाना और रहने की जगह की परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें अभी तक पर्याप्त राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं नहीं मिली हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों ने प्रशासन से राहत और बचाव कार्य तेज करने के साथ-साथ खाना, पीने का पानी, पशुओं के लिए चारा और अन्य जरूरी सामान जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है।

बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि राज्य के कई जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और लोगों की सामान्य जिंदगी प्रभावित हुई है। मुख्यमंत्री स्थिति पर नजर रख रहे हैं और अधिकारियों के संपर्क में हैं। प्रभावित इलाकों में नाव और दवाओं की व्यवस्था की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से नदी और आसपास के इलाकों में बिना जरूरत जाने से बचने की अपील की है। लोगों को नदी में नहाने, तैरने, सेल्फी लेने और नाव चलाने से भी बचने की सलाह दी गई है।