Breaking News

मेघालय कोयला खदान हादसे पर अमित शाह ने CM से बात की     |   ट्रंप के दामाद जेयर्ड कुश्नर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ कतर पहुंचे     |   मुंबई का मेयर चुनाव 11 फरवरी को दोपहर 12 बजे होगा     |   UPSC सिविल सेवा प्री-एग्जाम 24 मई को, उम्मीदवारों के लिए फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य     |   बस सवालों से इतनी घबराहट? मोदी सच्चाई से ऐसा डरे, झूठ की शरण ले ली: राहुल गांधी     |  

हरियाणा में पराली जलाने की जगह किसानों ने अपनाया ये तरीका

हरियाणा इन दिनों पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में है। इसे देखते हुए करनाल जिले के सोमनाथ जैसे कुछ किसान पराली साफ करने के लिए बेलर मशीनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। सोमनाथ ने बताया कि उन्होंने पराली की सफाई और फिर अगली फसल की बुवाई के लिए कुछ साल पहले बेलर और दूसरी मशीनें खरीदी थीं। इसके लिए उन्हें सरकार से 80 फीसदी सब्सिडी मिली थी।

उन्होंने कहा कि कोई भी किसान खेतों में पराली नहीं जलाना चाहता, लेकिन हालात की वजह से मजबूर होना पड़ता है।
हरियाणा में जिला अधिकारी किसानों से अपील कर रहे हैं कि वे पराली जलाने के बजाय बेलर और सुपर-सीडर्स का इस्तेमाल करें। उनका कहना है कि किसानों को मशीनें खरीदने के लिए 50 से 80 फीसदी तक सब्सिडी मिल सकती है।

जिन किसानों के पास ये मशीनें हैं वे अपने खेतों में पराली मैनेजमेंट के अलावा इन्हें दूसरों को भी किराए पर देते हैं। इस काम के लिए वे मजदूर भी रखते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन मशीनों के जरिये पराली का स्थायी मैनेजमेंट हो सकता है। साथ ही ये मशीनें किसानों और मजदूरों की आमदनी का एक और जरिया बन सकती हैं।