Gujarat: गुजरात के अमरेली जिले की सुडावड़ गांव से करीब 1-2 किलोमीटर दूर एक बस्ती यानी स्थानीय भाषा में परा में रहती हैं छायाबेन मकवाणा। छायाबेन को अब गर्मी परेशान नहीं करेगी। गर्मी के दिनों में वो फ्रिज भी इस्तेमाल कर सकेंगीं। ये सब गुजरात की भूपेंद्र पटेल सरकार की वजह से मुमकिन हुआ है।
यहां मुख्य तौर पर देवीपूजक और मालधारी समाज के लोग रहते हैं। इन 15 परिवारों के लिए अभी तक अंधेरा ही उनका मुकद्दर बना हुआ था। गांव के सरपंच ने इन घरों तक बिजली पहुंचाने की कई बार कोशिश की और उनकी मेहनत रंग लाई। उनके प्रयासों से ही गुजरात सरकार की ज्योतिग्राम योजना के तहत त्वरित कार्रवाई हुई और सभी 15 घर रोशन हुए। सुडावड़ गांव में बिजली आने के बाद आसपास की बस्तियों को भी इसका फायदा मिलने लगा।
इस बस्ती के घरों में अब लाइट और पंखे लग गए हैं। रात में भी बच्चे पढ़ाई कर पा रहे हैं। अब वो टीवी के जरिए दुनिया से भी जुड़ गए हैं। बस्ती में बिजली आने के बाद परिवारों के जीवन में भी बड़ा बदलाव आया। अब उनका जीवन आसान हो गया है।