Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित आईजीएमसी अस्पताल में एक डॉक्टर द्वारा मरीज पर हमले का मामला आपसी समझौते से सुलझ गया है, जिससे अस्पताल कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच चल रहा टकराव खत्म हो गया। वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर राघव नरूला और पीड़ित अर्जुन सिंह ने घटना के कुछ दिनों बाद एक-दूसरे से माफी मांगी। इस घटना ने जनता के आक्रोश और चिकित्सकों के प्रदर्शन को जन्म दिया था।
समझौते के बाद डॉ. नरूला ने कहा कि दोनों पक्षों से गलतियां हुई थीं, लेकिन अब समझौता हो जाने से सभी शिकायतें दूर हो गई हैं। उन्होंने कहा, “हमने एक-दूसरे से माफी मांगी और हाथ मिलाया। अब ये मामला खत्म हो चुका है।”
मरीज अर्जुन सिंह ने कहा, “डॉक्टर के माफी मांगने से सभी गलतफहमियां दूर हो गई हैं। अब इस घटना पर और चर्चा करने की कोई जरूरत नहीं है। माफी के साथ ही मामला सुलझ गया है।” दोनों पक्षों के परिवार वालों ने भी समझौते पर राहत और खुशी व्यक्त की और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इससे सबक लेने के महत्व पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा, “आपसी बातचीत के बाद मामला सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझ गया है...जनता की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने पहले डॉक्टरों से मुलाकात की थी और जांच का भरोसा दिया था। इस समझौते के बाद एफआईआर वापस ले ली जाएगी और सरकार प्रक्रिया के अनुसार डॉक्टर की बहाली के संबंध में आगे की कार्रवाई करेगी।”
डॉ. नरूला की बहाली अभी भी सरकार के विचाराधीन है।