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गुजरात में नकली और अवैध दवाओं पर सख्ती, 50 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस रद्द, 11 कंपनियों के लाइसेंस भी रद्द

गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने नकली और अवैध दवाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने और लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बुधवार को गुजरात सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें अगस्त महीने के दौरान राज्य में खाद्य और औषधि नियामक व्यवस्था की ओर से की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई।

मंत्री ने बताया कि जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 50 मेडिकल स्टोर के बिक्री लाइसेंस रद्द किए गए। इसके अलावा दो दवा निर्माण इकाइयों को बंद करने के आदेश दिए गए, जबकि 8 इकाइयों के लाइसेंस निलंबित और 11 दवा निर्माण लाइसेंस रद्द किए गए। प्रयोगशाला जांच में निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली 20 दवाओं के निर्माताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। वहीं, 42 ब्लड स्टोरेज सेंटरों की जांच में तीन को बंद करने के आदेश दिए गए और 12 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

ग्रामीण इलाकों में एंटीबायोटिक दवाओं की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान 588 दवाओं के सैंपल लिए गए। पानशेरिया ने कहा कि नशीली और नकली दवाओं की अवैध बिक्री और वितरण के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है। उन्होंने बताया कि वडोदरा के वाघोडिया में SOG के साथ संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक मेडिकल स्टोर से सटे परिसर से ट्रामाडोल समेत नशीले इंजेक्शनों का स्टॉक जब्त किया गया। इस मामले में NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

नकली 'Nicardia Retard 10' टैबलेट मामले में 30 से अधिक स्थानों पर जांच की गई। इस दौरान 1.75 लाख रुपये से अधिक मूल्य के संदिग्ध स्टॉक को जब्त किया गया या उसकी बिक्री पर रोक लगाई गई। जांच में इस नकली दवा की सप्लाई चेन उत्तर प्रदेश के लखनऊ से अहमदाबाद और साणंद तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई गई।

खाद्य सुरक्षा के मोर्चे पर भी अगस्त महीने में गुजरात में बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई। इस दौरान 2,238 से अधिक खाद्य कारोबारियों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और करीब 2,591 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए लिए गए। अधिकारियों ने तेल, मिर्च पाउडर और दूध समेत 42,988 किलोग्राम से अधिक संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 93.47 लाख रुपये बताई गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने पवित्र श्रावण महीने के दौरान दूध, घी, खाद्य तेल और मसालों जैसे रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। पानशेरिया ने कहा कि राज्य सरकार के लिए नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ व दवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को मिलावट और अन्य नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अचानक निरीक्षण जारी रखने और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।