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Karnataka: बागलकोट झड़प के बाद सीएम सिद्धारमैया ने की शांति की अपील, बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

Karnataka: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बागलकोट में शिवाजी जयंती पर शोभायात्रा के दौरान कथित पत्थरबाजी से भड़की सांप्रदायिक झड़पों के मद्देनजर शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। दो समुदायों के बीच झड़प के बाद शुक्रवार को जिला मुख्यालय बागलकोट शहर में तनाव पैदा हो गाया, जिसकी वजह से जिला प्रशासन को निषेधाज्ञा लागू करना पड़ा। अशांति के कारण बागलकोट भर में दुकानें बंद रहीं।

एक्स पर एक पोस्ट में सिद्धारमैया ने कहा, "बागलकोट में हुई पत्थरबाजी की घटना समाज की शांति और सद्भाव के लिए खतरा है। मैं और हमारी सरकार इसकी कड़ी निंदा करते हैं।" मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बात की है और उन्हें निष्पक्ष जांच का आदेश दिया है।

सिद्धारमैया ने पुलिस को उपद्रवियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश भी दिया है। उन्होंने आगे कहा कि कुछ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे मामले के संबंध में पूछताछ की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों को दंडित किया जाएगा।

सिद्धारमैया ने कहा, “देश की जनता को भयमुक्त और शांतिपूर्ण जीवन प्रदान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम किसी भी ऐसे व्यक्ति या बल को बर्दाश्त नहीं करेंगे जो जनता की शांति और सुकून को भंग करता है।” नागरिकों से शांत रहने और किसी भी प्रकार के उकसावे में न आने का आग्रह करते हुए, सिद्धारमैया ने आश्वासन दिया कि पुलिस विभाग निष्पक्ष रूप से अपना कर्तव्य निभाएगा।

बीजेपी ने इस घटना के लिए सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को दोषी ठहराते हुए आरोप लगाया कि उसकी "तुष्टीकरण की राजनीति" सांप्रदायिक झड़पों का कारण बनी है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “बागलकोट में छत्रपति शिवाजी महाराज के जुलूस पर पत्थरबाजी की घटना अत्यंत निंदनीय और घृणित कृत्य है। इस कुप्रबंधन के कारण तुगलक कांग्रेस सरकार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और शांति भंग करने वाले उपद्रवियों को पनाह मिल गई है।”

उन्होंने पूछा, “अगर पुलिस की मौजूदगी में पत्थरबाजी हो रही है, तो राज्य में आम लोगों की सुरक्षा कहां है?” विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि हिंदू त्योहारों और जुलूसों को निशाना बनाकर किए जा रहे ये लगातार हमले राज्य में कांग्रेस सरकार की सुनियोजित साजिश लगते हैं।

उन्होंने कहा, “राज्य सरकार के समर्थन के बिना ऐसी गुंडागर्दी नहीं हो सकती। कम से कम अब तो मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की सरकार को तुष्टीकरण की राजनीति छोड़कर उन लोगों को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए जिन्होंने शिवाजी महाराज, के सम्मान को ठेस पहुंचाई है।”

उन्होंने मुख्यमंत्री को हिंदू समाज के धैर्य की परीक्षा न लेने की चेतावनी भी दी। विजयेंद्र ने कहा, “जब हमारे जवानों और हमारे देश की पहचान का सवाल हो तो चुप रहने का कोई सवाल ही नहीं उठता!”