Breaking News

अमेरिका का दावा- ईरानी नौसेना के 150 से ज्यादा जहाजों को तबाह किया गया     |   ईरान जंग में हम जीत के करीब: अमेरिकी रक्षा मंत्री का बयान     |   होर्मुज नाकेबंदी के बीच ट्रंप का संदेश- हमसे तेल खरीदें या अपना तेल लें     |   IAS चंचल कुमार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया     |   शीतला माता मंदिर भगदड़: मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये देगी बिहार सरकार     |  

CM धामी ने किया साइंस सेंटर का निरीक्षण, बोले- विज्ञान की नई पहचान बनेगा चंपावत

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चंपावत जिले के दौरे के दौरान लगभग 55.52 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे अत्याधुनिक साइंस सेंटर का स्थलीय निरीक्षण किया। आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, प्रगति और समयबद्धता की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रस्तावित वैज्ञानिक गैलरियों और चार मंजिला साइंस कैंपस की सुविधाओं का जायजा लिया। इस परिसर में 40 छात्रों के लिए छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी शामिल होंगी, जिससे यह एक महत्वपूर्ण आवासीय वैज्ञानिक शिक्षण केंद्र बनेगा।

इस मौके पर UCOST के महानिदेशक दुर्गेश पंत ने बताया कि दो मंजिला साइंस गैलरी ब्लॉक में “फन साइंस गैलरी”, प्रदर्शनी हॉल, विज्ञान और कृषि गैलरी, प्रशिक्षण हॉल और आधुनिक खगोल विज्ञान गैलरी बनाई जाएगी। इसके अलावा, परिसर में 120 सीटों का ऑडिटोरियम, 71 सीटों वाला आधुनिक प्लेनेटेरियम (इनर और आउटर डोम सुविधाओं के साथ) और विश्वस्तरीय कॉन्फ्रेंस व डेवलपमेंट हॉल भी बनाए जाएंगे। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्कूलों के छात्रों द्वारा तैयार किए गए विज्ञान मॉडल भी देखे और उनसे बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह साइंस सेंटर भविष्य में राज्य के छात्रों के लिए शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि विज्ञान के बिना विकास अधूरा है और इस केंद्र के माध्यम से दूरदराज के बच्चों को भी आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों और खगोल विज्ञान को समझने का अवसर मिलेगा। उन्होंने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि कार्य को तय समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, साथ ही पर्यावरण मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाए।