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CM भजनलाल ने हरियाणा के साथ यमुना जल समझौते का किया बचाव, कहा- विपक्ष सिर्फ़ झूठ पर चलता है

Rajasthan: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को हरियाणा के साथ लंबे समय से अटके यमुना जल समझौते पर हस्ताक्षर का स्वागत किया। साथ ही, उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनके पास कहने के लिए "कुछ भी ठोस नहीं है" और उनमें "किसी भी तरह की दूरदर्शिता की कमी है"। मुख्यमंत्री ने वादों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की।

सोमवार को हरियाणा और राजस्थान के बीच हुए जल-बंटवारे समझौते पर मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा, "यह प्रोजेक्ट बहुत लंबे समय से अटका हुआ था। राजस्थान के लोग बेसब्री से इसका इंतजार कर रहे थे। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह प्रोजेक्ट अब हकीकत बन गया है। निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि यह एक वरदान साबित होगा। यमुना के पानी तक पहुंच एक अहम जरूरत थी। राजस्थान के लोग पानी की अहमियत को अच्छी तरह समझते हैं।"

उन्होंने कहा, "मैं इस काम को पूरा करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक बार फिर बधाई देता हूं। विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ भी ठोस नहीं है। उनके पास बात करने के लिए कोई उपलब्धि या असली मुद्दा नहीं है। वे सिर्फ झूठ के सहारे चलते हैं। विपक्ष में किसी भी तरह की दूरदर्शिता की कमी है।"

इसके अलावा, सोमवार को दिल्ली में यमुना जल समझौते से जुड़े समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर करने के बाद जयपुर पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सम्मान में राजस्थान भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय में एक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।

इस मौके पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, कई सरकारी मंत्री और बीजेपी के पदाधिकारी मौजूद थे। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब राजस्थान और हरियाणा ने सोमवार को नई दिल्ली में लंबे समय से प्रतीक्षित यमुना जल समझौते पर हस्ताक्षर किए। इससे तीन दशक से चला आ रहा गतिरोध खत्म हुआ और राजस्थान में पानी की व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के मकसद से 34,102 करोड़ रुपये की जल बुनियादी ढांचा परियोजना को लागू करने का रास्ता साफ हुआ।

इस समझौते पर केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्र व दोनों राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।

इस परियोजना के तहत राजस्थान के हिस्से का 577 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) यमुना का पानी हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से चूरू जिले के हंसियावास जलाशय तक 295.5 किलोमीटर लंबे भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए पहुंचाया जाएगा।

इस परियोजना में तीन पाइपलाइनें होंगी, जिनमें से प्रत्येक का व्यास 3.6 मीटर होगा। साथ ही, इसमें एक निरीक्षण मार्ग, कृत्रिम जलाशय और एक आधुनिक डिजिटल जल प्रबंधन प्रणाली भी शामिल होगी। परियोजना में हरियाणा के दस स्थानों पर पीने का पानी उपलब्ध कराने का प्रावधान भी शामिल है।