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RJD प्रमुख ने किया बाबा साहब का अपमान! सम्राट चौधरी बोले- लालू प्रसाद दलितों को तुच्छ समझते हैं

Bihar: बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को राष्ट्रीय जनता दल यानी आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद पर आरोप लगाया कि उन्होंने बाबा साहब आंबेडकर का चित्र अपने पैरों के पास रखवाकर उनका “अपमान” किया है। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने इस घटना का वीडियो क्लिप भी दिखाया। 

ये घटना तब की है, जब पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद इस सप्ताह के शुरुआत में अपना 78वां जन्मदिन मना रहे थे। वीडियो में नजर आ रहा है कि बीमार नेता लालू प्रसाद एक सोफे पर बैठे हैं। एक समर्थक आंबेडकर की तस्वीर लेकर कमरे में प्रवेश करता है और अभिवादन करने से पहले उसे आरजेडी प्रमुख के पैरों के पास रख देता है। 

सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया, ‘‘ये इस बात का सबूत है कि लालू प्रसाद दलितों को तुच्छ समझते हैं और दलित वर्ग के सबसे बड़े नेता के प्रति उनके मन में कोई सम्मान नहीं है। वे अपने पैरों के पास भगवान की तस्वीरें भी रखवा सकते हैं।’’

अशोक चौधरी ने दो दशक से ज्यादा समय पहले आरजेडी से ही अपना राजनैतिक सफर शुरू किया था। उप-मुख्यमंत्री ने ये भी दावा किया कि आरजेडी सुप्रीमो के ‘अहंकार’ के चलते नीतीश कुमार और जॉर्ज फर्नांडिस जैसे पुराने सहयोगियों को उनसे अलग होना पड़ा और कमजोर वर्गों के मतदाता उनसे छिटक गए। इस घटना पर कैबिनेट मंत्री जनक राम और प्रदेश इकाई की उपाध्यक्ष अनामिका पासवान जैसे बीजेपी के दलित नेताओं ने भी नाराजगी जताई और तीखी प्रतिक्रिया दी। 

जनक राम ने कहा, ‘‘बिहार की 14 करोड़ जनता शर्मसार है। आरजेडी सुप्रीमो के पूरे परिवार को माफी मांगनी चाहिए। इन नेता ने तलवार से केक काटा, जो दिखाता है कि उनकी पार्टी सार्वजनिक मामलों में बाहुबल के इस्तेमाल को वापस लाना चाहती है, लेकिन एनडीए ने बड़ी मेहनत से इस पर पूर्ण विराम लगा दिया है।’’ 

अनामिका पासवान ने कहा, ‘‘जब लालू प्रसाद के चरणों में तस्वीर रखी गई, तो उन्होंने उसे हाथ में लेने की भी कोशिश नहीं की। इससे पहले आरजेडी कार्यालय में कूड़े के ढेर में बाबा साहब का चित्र मिलने का मामला भी सामने आया था। ये आरजेडी सुप्रीमो के उस दावे की कलई खोलता है जिसमें वे खुद को दलितों का पैरोकार बताते हैं।’’ 

नाम न बताने की शर्त पर आरजेडी नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जो कुछ हुआ वो ‘‘जानबूझकर नहीं’’ किया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने ऐसा करके खतरा मोल ले लिया है। विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, जिससे दलितों में नाराजगी पैदा हो सकती है।