चुनाव आयोग ने जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। चुनावों के ऐलान के साथ ही सियासी पारा भी चढ़ गया और नेताओं के बयान आने शुरू हो गए।
मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक, जम्मू कश्मीर की 90 सीटों पर तीन चरणों में 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को वोटिंग होगी और नतीजे 4 अक्टूबर को आएंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर के स्पेशल स्टेटस यानि अनुच्छेद 370 को खत्म करने के केंद्र सरकार के फैसले को बरकरार रखा था और जम्मू कश्मीर में सितंबर में चुनाव आयोग को इलेक्शन कराने का निर्देश दिया था, जिसके बाद चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान किया है।
तारीखों के ऐलान पर जम्मू कश्मीर की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी यानि पीडीपी ने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि जम्मू कश्मीर प्रशासन निष्पक्ष चुनाव कराएगा।
वहीं कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनावों के ऐलान का स्वागत किया है और कहा कि जब जम्मू कश्मीर के लोग अपने प्रतिनिधियों को चुनेंगे तो उन्हें लोकतंत्र मजबूत होता दिखेगा।
बीजेपी नेताओं ने कहा कि जम्मू कश्मीर में बीजेपी कैडर विधानसभा चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है और केंद्र शासित प्रदेश में बीजेपी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि चुनाव आयोग को जम्मू कश्मीर में पिछले 24 घंटों में हुए अधिकारियों के तबादले पर गौर करना चाहिए शुक्रवार को चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले जम्मू कश्मीर पुलिस में कई सीनियर अधिकारियों के तबादले किए गए।
जम्मू कश्मीर प्रशासन ने तीन अलग अलग आदेशों में 33 सीनियर पुलिस अधिकारियों के तत्काल प्रभाव से तबादले किए। डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आज़ाद पार्टी के अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आज़ाद ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि आज़ादी के बाद यह पहली बार है कि 10 साल बाद चुनाव हो रहे हैं।
जम्मू कश्मीर के लोगों ने भी चुनाव की तारीखों के ऐलान का स्वागत किया। जम्मू कश्मीर में पिछला विधानसभा चुनाव नवंबर-दिसंबर 2014 में हुआ था और 2019 में अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद से जम्मू कश्मीर में ये पहला विधानसभा चुनाव होगा।