मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में 492 नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपें. बाकी, 736 अभ्यर्थियों को 13 राजकीय मेडिकल कॉलेजों और दो चिकित्सा संस्थानों में आयोजित लाइव कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा नियुक्ति पत्र सौंपे गए. बता दें. नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम लोकभवन में आयोजित हुआ. इस दौरान सीएम ने विपक्ष पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पहले अस्पताल बना दिए जाते थे, लेकिन न डॉक्टर होते और न ही कोई स्टाफ… सबकुछ भगवान भरोसे था. लोग मरते थे. कुछ अज्ञात बीमारी दिखा कर ऐसे ही छोड़ देते थे. मगर, आज हालात बदल गए हैं.
उन्होंने कहा कि आज हर एएनएम, जीएनएम इंस्टीट्यूट जो पिछली सरकारों में बंद हो चुके थे, उन्हें हमारी सरकार ने फिर शुरू कर दिया है. 35 एएनएम प्रशिक्षण केंद्रों को फिर से संचालित किया गया है, जो पिछली सरकार में बंद हो चुके थे. वहीं, 31 नर्सिंग कॉलेज का नए सिरे से निर्माण किया जा रहा है. इसके अलावा, आज यूपी में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज से सवा 9 करोड़ लाभार्थी जुड़े है. 14 करोड़ 28 लाख आभा डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किए गए है. 976 सीएचसी में टेली मेडिसिन की सेवा शुरू हुई है.
उन्होंने 1228 नियुक्ति पत्र बांटकर कहा कि साल 2017 के पहले प्रदेश में बदहाली स्थिति थी. 1947 से लेकर 2017 तक प्रदेश में सीमित संख्या में मेडिकल कॉलेज थे, कुल 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज समेत 40 मेडिकल कॉलेज थे. आज राज्य में 81 सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज है. पहले हॉस्पिटल तो बन जाते, डाक्टर की नियुक्ति कर के औपचारिकता पूरी की जाती थी. हॉस्पिटल में न ही डॉक्टर जाते थे, न ही टेक्नीशियन थे, न ही नर्सिंग स्टाफ थे. सब भगवान भरोसे था. लोग मरते थे , कुछ अज्ञात बीमारी दिखा कर ऐसे ही छोड़ देते थे.