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एशियाई योग चैंपियनशिप के उद्घाटन में आतंकवाद की निंदा की गई

पहलगाम आतंकी हमले में हुई क्रूरता की विश्व योगासन के अध्यक्ष बाबा रामदेव ने निंदा की। वहीं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को यहां इस खेल की दूसरी एशियाई चैंपियनशिप का उद्घाटन किया और इस प्राचीन अभ्यास को ओलंपिक में शामिल करने की अपनी महत्वाकांक्षा दोहराई।

दो दिवसीय कार्यक्रम में कुल 16 टीमें हैं, जिसमें जापान की टीम पहली बार हिस्सा ले रही है। पहली चैंपियनशिप बैंकॉक में आयोजित हुई थी। उद्घाटन समारोह में अधिकारी, उत्साहित युवा प्रतिभागी और उत्सुक दर्शक और हिस्सा लेने वाले लोगों के परिवार मौजूद थे। योग गुरु और व्यवसायी रामदेव ने अपने संबोधन की शुरुआत पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए की, जिसमें आतंकवादियों ने मंगलवार को 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "हमने हाल ही में क्रूरता की पराकाष्ठा देखी है, आतंकवाद एक धर्म, संस्कृति और देश को निशाना बना रहा है। मैं अपने मुस्लिम मित्रों से कहना चाहता हूं कि अगर वे इस्लाम को आतंकवाद के अभिशाप से मुक्त करना चाहते हैं, तो उन्हें आध्यात्मिकता को अपनाना होगा और योग इसमें मदद करता है। योग शांति को बढ़ावा देता है।"

मंडाविया ने अपनी ओर से केवल इस आयोजन पर अपना ध्यान केंद्रित रखा और मानवता के लिए योग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "ये मानवता के लिए एक उपहार है। ये हमारी विरासत है और हम इसे पाकर भाग्यशाली हैं। मैं योग को ओलंपिक खेल बनाना चाहता हूं।" खेल मंत्रालय ने 2017 में योग को एक प्रतिस्पर्धी खेल घोषित किया था। इसे पिछले साल 2026 एशियाई खेलों के लिए एक प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया था।

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम के केडी जाधव कुश्ती हॉल में आयोजित उद्घाटन समारोह में योग और नृत्य को एक साथ मिलाकर एक छोटा सा उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं ने ऐसे आसन किए जो मानव शरीर की लचीलेपन की सीमाओं को पार करते हुए लगे।