2026 एशियन गेम्स में भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज समेत कुल 9 मेडल जीते। भारत ने 10 तीरंदाजी इवेंट्स में हिस्सा लिया और 9 में पोडियम फिनिश हासिल की। इसके साथ ही तीरंदाजी भारत के लिए इन खेलों में सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल दिलाने वाला खेल बना।
इस अभियान की सबसे बड़ी स्टार 17 साल की कुमकुम मोहोड रहीं। अमरावती की कुमकुम ने महिलाओं के व्यक्तिगत रिकर्व इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह एशियन गेम्स में व्यक्तिगत रिकर्व गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बन गईं।
शूट-ऑफ में कुमकुम ने जीता गोल्ड
फाइनल में कुमकुम का मुकाबला दक्षिण कोरिया की ओ येजिन से हुआ। दोनों के बीच मुकाबला 5-5 से बराबर रहने के बाद शूट-ऑफ हुआ। कोरियाई तीरंदाज ने 8 अंक हासिल किए, जबकि कुमकुम ने परफेक्ट 10 लगाकर गोल्ड अपने नाम कर लिया।
कुमकुम ने क्वार्टर फाइनल में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन और ओलंपिक मेडलिस्ट कांग चाएयंग को 6-3 से हराया था। इसके बाद सेमीफाइनल में चीन की झू जिंगयी को 6-2 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई।
इस गोल्ड के साथ कुमकुम ने एशियन गेम्स में व्यक्तिगत रिकर्व में भारत के लंबे इंतजार को खत्म किया। इससे पहले इस इवेंट में भारत का एकमात्र मेडल तरुणदीप राय ने 2010 ग्वांगझू एशियन गेम्स में सिल्वर के रूप में जीता था। कुमकुम ने इन खेलों में कुल तीन मेडल जीते। उन्होंने महिला रिकर्व टीम इवेंट में गोल्ड और धीरज बोम्मदेवरा के साथ मिक्स्ड रिकर्व टीम इवेंट में सिल्वर भी हासिल किया।
LA 2028 ओलंपिक के लिए भी हासिल किया कोटा
कुमकुम के व्यक्तिगत रिकर्व फाइनल में पहुंचने के साथ भारत ने LA 2028 ओलंपिक के लिए महिला रिकर्व कोटा स्थान भी हासिल कर लिया। एशियन गेम्स के व्यक्तिगत रिकर्व इवेंट के फाइनलिस्ट देशों को एक-एक ओलंपिक कोटा स्थान मिला।
पुरुषों के रिकर्व इवेंट में भी भारत ने मेडल जीता। वर्ल्ड नंबर-1 धीरज बोम्मदेवरा ने क्वालिफिकेशन में पहला स्थान हासिल किया था, लेकिन सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया के ली वूसेक से 7-3 से हार गए।
वहीं नीरज चौहान को सेमीफाइनल में जापान के जुन्या नाकानिशी ने 7-1 से हराया। इसके बाद ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में नीरज ने धीरज को हराकर कांस्य पदक जीता। इस तरह भारत ने एशियन गेम्स में रिकर्व के सभी पांच इवेंट्स में मेडल जीते। इनमें 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज शामिल रहा।
कंपाउंड में भी भारत का दबदबा
रिकर्व के अलावा कंपाउंड तीरंदाजों ने भी भारत की पदक तालिका में बड़ा योगदान दिया। कंपाउंड इवेंट्स में भारत ने 3 टीम गोल्ड और 1 व्यक्तिगत ब्रॉन्ज जीता।
चिकिता तनिपर्थी कंपाउंड में भारत की बड़ी स्टार रहीं। उन्होंने दो ऐतिहासिक गोल्ड मेडल अपने नाम किए। महिला कंपाउंड टीम में चिकिता ने ज्योति वेन्नम और पृथिका प्रदीप के साथ मिलकर चीन को 238-234 से हराया। इस प्रदर्शन के दौरान भारतीय टीम ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी की।
इसके बाद चिकिता ने साहिल जाधव के साथ मिक्स्ड कंपाउंड टीम इवेंट में भी गोल्ड जीता। फाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को हराया। इस जीत के साथ भारत ने LA 2028 ओलंपिक के मिक्स्ड कंपाउंड टीम इवेंट के लिए ऐतिहासिक कोटा स्थान भी हासिल किया।
2023 के रिकॉर्ड की बराबरी
ऐची-नागोया एशियन गेम्स में भारत ने तीरंदाजी में कुल 9 मेडल जीते। इनमें 5 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल हैं। यह प्रदर्शन हांगझोउ 2023 के 9 मेडल के रिकॉर्ड के बराबर है। भारत के 5 गोल्ड मेडल इन एशियन गेम्स में किसी एक खेल या डिसिप्लिन द्वारा जीते गए सबसे ज्यादा गोल्ड रहे। कुमकुम मोहोड की ऐतिहासिक जीत, चिकिता तनिपर्थी के दो गोल्ड और टीम इवेंट्स में भारतीय तीरंदाजों का दबदबा आने वाले LA 2028 ओलंपिक के लिए भी मजबूत संके