हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रक्षाबंधन के मौके पर पूरे राज्य में छुट्टी का ऐलान किया है। यह छुट्टी सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और कॉलेजों में लागू होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले रक्षाबंधन पर महिला कर्मचारियों को छुट्टी मिलती थी, लेकिन भाइयों को छुट्टी नहीं होने के कारण कई बहनों को राखी बांधने के लिए उनका इंतजार करना पड़ता था। इसी वजह से सरकार ने इस बार सभी के लिए छुट्टी देने का फैसला किया है।
सुक्खू ने कहा, “पहले रक्षाबंधन पर बहनों को छुट्टी मिलती थी। मैंने सोचा कि अगर भाई ऑफिस चला गया तो बहन को राखी बांधने के लिए पूरे दिन उसका इंतजार करना पड़ेगा। इसलिए हमने सभी को छुट्टी देने का फैसला किया।” उन्होंने कहा कि इस फैसले का मकसद यही है कि भाई-बहन बिना किसी परेशानी के मिल सकें और साथ में रक्षाबंधन का त्योहार मना सकें।
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन को भाई-बहन के बीच प्यार और भावनात्मक रिश्ते को दिखाने वाला महत्वपूर्ण त्योहार बताया। इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के बीच प्यार, विश्वास और सम्मान का प्रतीक है। ओम बिरला ने कहा कि यह त्योहार भारत की संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करता है। उन्होंने लोगों से परिवार में प्यार, विश्वास और आपसी बातचीत बनाए रखने की अपील की।
रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं। इसके बदले भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और उनकी रक्षा का वादा करते हैं। रक्षाबंधन भारत में सदियों से मनाया जाने वाला पारंपरिक त्योहार है, जो भाई-बहन के प्यार और मजबूत रिश्ते का प्रतीक माना जाता है।