IPL 2026: 2025 से दिल्ली कैपिटल्स एक ऐसी टीम रही है जिसके प्रदर्शन में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। आईपीएल 2026 ने इस अंतर को और भी गहरा कर दिया है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम पर मौजूदा सीजन में भी उसकी मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। यहां 2025 से अब तक खेले 10 मैचों में से टीम को सिर्फ दो जीत मिलीं जबकि आठ में हार का सामना करना पड़ा। उन गिनी-चुनी जीतों में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ सुपर ओवर में मिली जीत भी शामिल है। ये बताता है कि डीसी के खिलाड़ी अपने घरेलू मैदान पर कितने असहज महसूस कर रहे हैं।
घरेलू मैदान पर दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज लड़खड़ा रहे हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच में तो डीसी के बल्लेबाज स्कोर को बड़ी मुश्किल से सात विकेट पर 155 रनों तक पहुंचा पाए। एक ऐसी पिच पर जहां स्पिनरों को मदद मिल रही थी और कुछ गेंदें रुककर आ रही थीं, घरेलू टीम के बल्लेबाज अपनी लय नहीं बना पाए। बेरंग टीम को घरेलू प्रशंसकों का साथ भी नहीं मिल रहा है। सीएसके के खिलाफ मैच में आधा स्टेडियम पीले रंग की जर्सी पहने दर्शकों से भरा दिखा और सीएसके-सीएसके का शोर लगातार सुनाई दिया।
सीएसके के खिलाफ बल्लेबाजों का अंदाज बता रहा था कि वे अब भी 75 रन पर ऑलआउट होने के मानसिक दबाव से उबर नहीं पाए हैं। इस सीजन में भी, दिल्ली अपने घरेलू मैदान का फायदा उठाने में नाकाम रही है। जिन परिस्थितियों का टीम को फायदा मिलना चाहिए था, वहीं नतीजे उनके हाथ से फिसलते चले गए।
हालाकि, घरेलू मैदान से बाहर, आईपीएल 2026 में कहानी बिल्कुल अलग रही है। 2025 से अब तक दूसरे मैदानों पर दिल्ली कैपिटल्स ने 14 मैचों में से नौ में जीत हासिल की है। यह दिखाता है कि यह एक ऐसी टीम है जो बाहर के मैदानों पर अच्छा प्रदर्शन करती है और उम्मीद से कहीं बेहतर तरीके से परिस्थितियों के हिसाब से ढल जाती है। टीम को मौजूदा सीजन में घरेलू मैदान पर दो मैच और खेलने हैं, जिनमें वो हार का सिलसिला तोड़ने की आस लगाए होगी।