उत्तराखंड के बागेश्वर में पारंपरिक लोक त्योहार सातूं-आठूं शुरू हो गया है। इस दौरान महिलाएं और पुरुष लोक गीतों पर झूमते और नाचते हैं।
लोगों का कहना है कि इस तरह के मेले युवाओं को उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं की जानकारी देते हैं। साथ ही उन्हें अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
मेले में खेलों और अलग अलग तरह की लोक परंपरा से जुड़ी प्रदर्शनी लगाई जाती है। ये सांस्कृतिक विरासत को दिखाती है।
पारंपरिक लोक त्योहार सातूं-आठूं हर साल हिंदू कैलेंडर के भाद्रपद की पंचमी से शुरू होकर अष्टमी तक चलता है। इसमें महिलाएं और पुरुष पारंपरिक नृत्य करते हैं और सभी के लिए सुख समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।