आज आम बजट 2024 पर दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में फिर से चर्चा होनी है। सोमवार को बजट सत्र के दौरान लोकसभा में खूब गहमागहमी रही। राहुल के बजट बनाने वाले अधिकारियों में दलित न होने वाली बात पर सांसद अनुराग ठाकुर ने आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जाति जनगणना की बात वे कर रहे जिनकी खुद अपनी जाति का पता नहीं। इससे पहले सपा सांसद अखिलेश यादव के साथ भी अनुराग ठाकुर की तीखी बहस देखी गई थी। इसके अलावा कल वित्त मंत्री ने भी राहुल गांधी के बजट पर उठाए सवालों का जवाब दिया।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें यह पता होना चाहिए कि ‘एलओपी’ (विपक्ष के नेता) का मतलब ‘लीडर ऑफ प्रोपेगैंडा’ (दुष्प्रचार के नेता) नहीं होता है।उन्होंने बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि राहुल गांधी को ‘रील का नेता’ नहीं बनना चाहिए और यह समझना चाहिए कि ‘रीयल नेता’ बनने के लिए सच बोलना पड़ता है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि जो एक्सीडेंटल हिंदू हैं, उनका महाभारत का ज्ञान भी एक्सीडेंटल है। उन्होंने कहा कि एक नेता ने कमल पर कटाक्ष किया न जाने क्या दिक्कत है। कमल को बुरा दिखाने का प्रयास किया गया। जनता ने हमें लगातार तीसरी बार सत्ता में बैठाने का काम किया है। कमल भाजपा का चुनाव चिह्न है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा संसद में दिए भाषण की तारीफ की। प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर कहा कि यह भाषण मेरे युवा और ऊर्जावान सहयोगी अनुराग ठाकुर का है। जिसे अवश्य सुनना चाहिए। यह तथ्यों से समाहित है। यह इंडी गठबंधन की गंदी राजनीति को उजागर करता है। सदन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कमल को हिंसा से जोड़ दिया था, जिस पर अनुराग ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा कि एक नेता ने खड़े होकर कमल पर कटाक्ष किया, लेकिन कमल का नाम तो राजीव भी है, तो क्या वो राजीव गांधी को भी बुरा मानते हैं।