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अरुणाचल सरकार का बड़ा कदम, एक साल तक विदेश यात्रा पर रोक, मंत्रियों के काफिले किए जाएंगे आधे

अरुणाचल प्रदेश सरकार ने खर्च में कटौती, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और टिकाऊ शासन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की है। सरकार की अधिसूचना के अनुसार, अगले एक वर्ष तक मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के विदेश दौरे पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक घटाई जाएगी, ताकि ईंधन की बचत हो और सरकारी आवागमन अधिक सुव्यवस्थित हो सके।

सरकार ने "वर्चुअल फर्स्ट" नीति लागू की है, जिसके तहत आधिकारिक बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि यात्रा आवश्यक हो, तो टिकट कम से कम 15 दिन पहले बुक करने होंगे, जबकि LTC यात्रा के लिए 45 दिन पहले योजना बनानी होगी। डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देते हुए सरकार ने मार्च 2027 तक सभी अधीनस्थ कार्यालयों, सर्किल कार्यालयों और एसडीओ मुख्यालयों में 100 प्रतिशत ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने का लक्ष्य रखा है।

नई गाड़ियों की खरीद पर रोक लगाई गई है, हालांकि आपातकालीन सेवाओं को इससे छूट मिलेगी। सरकारी दफ्तरों में एसी का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि बिजली की खपत कम हो। सरकार ने अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों और आम नागरिकों को जहां संभव हो, कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया है।

सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और कैंटीनों में खाद्य तेल के सीमित उपयोग की सलाह दी गई है। साथ ही, सभी सरकारी इलेक्ट्रॉनिक खरीद में 5-स्टार ऊर्जा दक्षता रेटिंग वाले उपकरणों को प्राथमिकता दी जाएगी। कृषि और बागवानी क्षेत्र में प्रमाणित जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, "Buy Swadeshi, Buy Local" अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों और उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उन सात अपीलों के बाद लिया गया है, जिनमें उन्होंने ईंधन की खपत घटाने, विदेशी यात्राओं से बचने, स्वदेशी उत्पाद अपनाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और अनावश्यक खर्च कम करने का आग्रह किया था।