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चिलचिलाती धूप में कार खड़ी करना साबित हो सकता है खतरनाक, जानिए कैसे?

चिलचिलाती धूप में खड़ी कार में बैठने और तुरंत राहत पाने के लिए एयर कंडीशनर चालू करना किसी के लिए भी खतरनाक हो सकता है। चंडीगढ़ के स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ताओं का कहना है कि कार के अंदर तापमान में बहुत ज्यादा बदलाव की वजह से व्यक्ति को थर्मल शॉक लग सकता है।

अध्ययन में पाया गया है कि जब बाहर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो जाता है, तो कार के अंदर का तापमान खतरनाक रूप से उच्च स्तर तक बढ़ सकता है। यहां तक ​​कि 70 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंचा जाता है।

ऐसी बहुत ज्यादा गर्म गाड़ियों के अंदर ठंडी हवा का अचानक झोंका सिरदर्द, ऐंठन और चक्कर आने का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहनों को या तो छायादार जगहों पर खड़ा किया जाना चाहिए या फिर उनके अंदर हवा की आवाजाही के लिए उनकी खिड़कियों को थोड़ा खुला छोड़ देना चाहिए ताकि वे ज्यादा गर्म न हों।

तेज धूप में खड़ी गाड़ियां बहुत ज्यादा गर्म हो जाती हैं और अगर उनमें बैठे लोग गर्मी निकलने दिए बिना अंदर चले जाएं तो लू लगने का खतरा रहता है। कुछ गंभीर मामलों में ऐसी घटनाओं से मौतें भी हो चुकी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और कुछ सावधानियों से बहुत ज्यादा गर्मी में खड़ी गाड़ियों के अंदर स्वास्थ्य संबंधी खतरों को रोका जा सकता है।