Washington: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने एक असाधारण कदम उठाते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक भेंट किया है। मचाडो ने व्हाइट हाउस से कैपिटल हिल जाते समय मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने यह पदक “आजादी के प्रति ट्रंप की अनूठी प्रतिबद्धता को सम्मान देने के लिए” दिया है।
मचाडो के इस दावे की पुष्टि बाद में राष्ट्रपति ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की। ट्रंप ने लिखा कि मचाडो से मिलना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा, “वे एक बेहतरीन महिला हैं जिन्होंने बहुत कुछ सहा है। मारिया ने मेरे काम के लिए मुझे अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया। यह आपसी सम्मान का अद्भुत भाव है।”
हालांकि, नोबेल संस्थान ने स्पष्ट किया है कि मचाडो औपचारिक रूप से अपना नोबेल पुरस्कार किसी और को नहीं दे सकतीं। ऐसे में यह कदम पूरी तरह प्रतीकात्मक माना जा रहा है। इसके बावजूद यह घटनाक्रम इसलिए भी असाधारण है क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप लंबे समय से वेनेजुएला में विपक्ष की प्रमुख चेहरा रहीं मचाडो को राजनीतिक रूप से हाशिये पर रखते आए हैं।
ट्रंप पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि वे वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज के साथ काम करने को इच्छुक हैं, जो राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की करीबी सहयोगी रही हैं। इससे वेनेजुएला में लोकतांत्रिक शासन को लेकर ट्रंप की प्रतिबद्धता पर सवाल भी उठ रहे हैं, क्योंकि उन्होंने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वहां चुनाव कब कराए जाएंगे।
बंद कमरे में हुई बैठक के बाद मचाडो ने व्हाइट हाउस के बाहर मौजूद अपने समर्थकों का अभिवादन किया और कई लोगों से गले मिलीं। उन्होंने बातचीत का ब्योरा दिए बिना कहा, “हम राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते हैं।” इस दौरान कुछ समर्थकों ने “थैंक यू ट्रंप” के नारे भी लगाए।
गौरतलब है कि इससे पहले ट्रंप यह भी कह चुके हैं कि मचाडो के लिए वेनेजुएला का नेतृत्व करना मुश्किल होगा, क्योंकि उन्हें देश के भीतर व्यापक समर्थन और सम्मान नहीं मिला है। वहीं, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मचाडो को “एक उल्लेखनीय और साहसी आवाज” बताया, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि इस मुलाकात का यह मतलब नहीं है कि मचाडो को लेकर ट्रंप की राय में कोई बदलाव आया है।