US Iran Tension: ईरान के शीर्ष राजनयिक ने रविवार को इस बात पर जोर दिया कि तेहरान की ताकत "महान शक्तियों को ना कहने" की उसकी क्षमता से आती है। ये बात उन्होंने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत के ठीक बाद और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच कही।
तेहरान में एक शिखर सम्मेलन में राजनयिकों को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया कि ईरान इस बात पर अडिग रहेगा कि उसे यूरेनियम संवर्धन करने में सक्षम होना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच विवाद चल रहा है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम के विरोध में अमेरिका ने ईरान-इजराइल युद्ध के दौरान जून में ईरानी परमाणु स्थलों पर बमबारी की थी।
जहां एक तरफ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने शुक्रवार को ओमान में अमेरिकियों के साथ हुई बातचीत की तारीफ की, वहीं अराघची की टिप्पणियां आगे की चुनौतियों को बयां कर रही हैं। उधर, अमेरिका ने पहले ही विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन, दूसरे जहाजों और युद्धक विमान मध्य पूर्व में तैनात कर दिए हैं ताकि ईरान पर समझौते के लिए दबाव बनाया जा सके और जरूरत पड़ने पर इस्लामिक गणराज्य पर हमला करने के लिए आवश्यक मारक क्षमता उपलब्ध कराई जा सके।