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इजराइल-ईरान युद्ध के 12 दिन, जानिए कब-कब क्या हुआ?

इजराइल ने 13 जून को ईरान के परमाणु ठिकानों पर बड़ा हमला किया था। तेहरान के नतांज और फोर्डो में मौजूद प्रमुख परमाणु संवर्धन सुविधाओं समेत लगभग 100 लक्ष्यों पर किए गए शुरुआती हमलों में इजराइल के करीब 200 विमान शामिल थे। इजराइल ने हमले से पहले ईरान में लाए गए ड्रोन और सटीक हथियारों का भी इस्तेमाल किया था।

इजराइल ने दावा किया था कि उसने अपने शुरुआती हमलों के दो दिनों में नौ वरिष्ठ ईरानी वैज्ञानिकों और कई शीर्ष जनरलों को मार गिराया था। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने 14 जून को मिसाइल हमले किए, जिसमें इजराइल में कम से कम तीन लोग मारे गए। 15 जून को इजराइल ने ईरान पर दूसरी बार हमला किया। इस बार तेहरान में भी विस्फोट किए गए। ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत ने कहा कि इजराइली हवाई हमलों में 78 लोग मारे गए और 320 से ज़्यादा घायल हुए। ईरान के सबसे बड़े नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने हमलों के लिए “कड़ी सजा” देने की कसम खाई।

22 जून को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया था कि अमेरिकी सेना सीधे इजराइल के हवाई अभियान में शामिल हो गई थी, जिसमें तीन ईरानी परमाणु स्थलों पर हमला किया गया था। अमेरिकी और इजराइली अधिकारियों के मुताबिक ईरान में जमीन के काफी अंदर बनी सुविधाओं को निशाना बनाने के लिए स्टील्थ बॉम्बर और 30,000 पाउंड के बंकर बस्टर बम इस्तेमाल किए गए थे। ये हमले ईरान की हवाई सुरक्षा और मिसाइल क्षमताओं को खत्म करने के लिए, इजराइली हमले शुरू होने के एक हफ्ते से ज्यादा समय बाद किए गए।

एक दिन बाद, 23 जून को ईरान ने कतर और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले कर जवाब दिया। अल उदीद एयर बेस को निशाना बनाया और दोहा में हवाई हमले के सायरन और इंटरसेप्टर फायर को ट्रिगर किया। 24 जून को, इजराइल और ईरान ने राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से प्रस्तावित युद्ध विराम समझौते को स्वीकार कर लिया। इससे 12 दिनों का युद्ध खत्म हो गया, लेकिन अंतिम बमबारी से पहले नहीं। ईरान ने मिसाइलों का प्रक्षेपण किया जिसमें कम से कम चार इजराइली मारे गए और इजराइल ने भी सुबह सवेरे हवाई हमलों के साथ जवाब दिया।

युद्ध विराम की घोषणा से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष को "12 दिन का युद्ध" नाम दिया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान और इजराइल दोनों की युद्ध विराम उल्लंघन और इसके बावजूद लगातार हमलों के लिए निंदा की। भले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों पक्षों से युद्ध विराम को बनाए रखने की अपील की और इजराइल-ईरान युद्ध खत्म होने का ऐलान किया, लेकिन इस मामले में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।