अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी को चिट्ठी लिखी है। पत्र में लिखा गया है कि ट्रंप मिस्र और इथियोपिया के बीच मध्यस्थता की कोशिशें फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं। ये विवाद नील नदी पर बने एक विशाल बांध को लेकर है।
इसे ग्रैंड इथियोपियन रेनेसां डैम, या जीईआरडी कहा जाता है। ये अफ्रीका का सबसे बड़ा जलविद्युत बांध है। ये बांध ब्लू नील नदी पर, सूडान -इथियोपिया सीमा के पास है। इसे पांच हजार मेगावाट से ज्यादा बिजली पैदा करने के लिए डिजाइन किया गया है। इससे इथियोपिया की बिजली उत्पादन क्षमता दोगुनी होने के आसार हैं।
लिहाजा जीईआरडी इथियोपिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन निचली धारा में स्थित मिस्र इस परियोजना का कड़ा विरोध करता है। मिस्र इसे अपने अस्तित्व पर खतरा बताता है। मिस्र का कहना है कि बांध से नील नदी का जल प्रवाह कम हो सकता है। देश की खेती और 10 करोड़ से ज्यादा आबादी पूरी तरह इसी नदी पर निर्भर है।
ट्रंप के पहले कार्यकाल में अमेरिकी मध्यस्थता की कोशिशें शुरू हुई थीं, लेकिन 2020 में बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला।