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जहाज पर हमले के बाद होर्मुज स्ट्रेट में फिर बढ़ा तनाव, UN एजेंसी ने रोका निकासी अभियान

ओमान की खाड़ी में एक जहाज पर हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) की समुद्री एजेंसी इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को निकालने का अभियान फिलहाल रोक दिया है। एजेंसी इस इलाके में फंसे सैकड़ों जहाजों और हजारों नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम कर रही थी।

ब्रिटिश सेना के अनुसार, गुरुवार को ओमान के तट के पास एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या रॉकेट जैसे हथियार) से हमला हुआ। इस घटना के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव फिर बढ़ गया। IMO के प्रमुख ने कहा कि निकासी अभियान तभी दोबारा शुरू होगा, जब एजेंसी को यह भरोसा हो जाएगा कि सूची में शामिल सभी जहाज सुरक्षित हैं।

हमले से कुछ घंटे पहले ही ईरान ने चेतावनी दी थी कि उसकी अनुमति के बिना होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए किसी दूसरे समुद्री मार्ग का इस्तेमाल न किया जाए। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज ने स्पष्ट किया कि जिस जहाज पर हमला हुआ, वह UN के निकासी अभियान का हिस्सा नहीं था।

संयुक्त राष्ट्र ने जहाजों के लिए ओमान के तट के समानांतर एक सुरक्षित मार्ग सुझाया था। लेकिन ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने इस रास्ते का विरोध करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में वही समुद्री मार्ग इस्तेमाल किया जाए, जिसे ईरान ने मंजूरी दी है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि 'एवर लवली' नाम के एक व्यापारी जहाज पर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने ड्रोन से हमला किया। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स सेंटर ने बताया कि जहाज को नुकसान पहुंचा है, लेकिन इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचा।

ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष कम होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बढ़ी है, लेकिन अभी भी यह सामान्य स्तर पर नहीं पहुंची है। इस बीच ईरान ने फिर चेतावनी दी है कि उसकी ओर से तय किए गए आधिकारिक समुद्री मार्ग का ही इस्तेमाल किया जाए, क्योंकि किसी दूसरे रास्ते पर चलना खतरनाक हो सकता है।