Breaking News

नोएडा के सेक्टर 144 में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन बिल्डिंग की शटरिंग गिरने से 2 मजदूर की मौत     |   सूरजकुंड हादसा: झूले के मालिक समेत दो आरोपी गिरफ्तार     |   राजस्थान: नकली FMGE सर्टिफिकेट मामले में SOG ने 20 और संदिग्ध डॉक्टरों की लिस्ट तैयार की     |   कप्तान आयुष म्हात्रे और कोच समेत अंडर 19 वर्ल्ड कप जीतने वाले खिलाड़ी मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचे     |   वीर सावरकर को भारत रत्न दिया जाता है तो इससे भारत रत्न का सम्मान बढ़ेगा: मोहन भागवत     |  

डोनाल्ड ट्रंप बोले, अमेरिका में पढ़ाई करने के बाद छात्रों का वापस भारत और चीन जाना 'शर्मनाक'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि भारत और चीन जैसे देशों के छात्रों को अमेरिका के शीर्ष विश्वविद्यालयों से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने गृह देशों में वापस जाना ‘शर्मनाक’ है। ट्रंप ने दावा किया कि 'ट्रंप गोल्ड कार्ड' योजना कंपनियों को देश में इस तरह की प्रतिभाओं को नियुक्त करने और बनाए रखने में सक्षम बनाएगी।

उन्होंने बुधवार को दस लाख डॉलर की 'ट्रंप गोल्ड कार्ड' योजना शुरु करने की घोषणा की। यह एक वीजा कार्यक्रम है, जो अप्रवासियों को अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने का मार्ग प्रदान करेगा। 'ट्रंप गोल्ड कार्ड' एक ऐसा वीजा है जो अमेरिका को पर्याप्त लाभ प्रदान करने की किसी व्यक्ति की क्षमता पर आधारित है।

व्हाइट हाउस में एक बैठक में ट्रंप ने कहा, ‘‘ किसी महान व्यक्ति का हमारे देश में आना एक उपहार के समान है, क्योंकि हमें लगता है कि ये कुछ ऐसे असाधारण लोग होंगे जिन्हें यहां रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कॉलेज से स्नातक करने के बाद, उन्हें भारत वापस जाना पड़ता है, उन्हें चीन वापस जाना पड़ता है, उन्हें फ्रांस वापस जाना पड़ता है। उन्हें वापस वहीं जाना पड़ता है, जहां से वे आए थे। वहां रुकना बहुत मुश्किल है। यह शर्मनाक है। यह एक हास्यास्पद बात है। हम इस पर ध्यान दे रहे हैं।’’

ट्रंप ने घोषणा की कि गोल्ड कार्ड वेबसाइट शुरू हो गई है और कंपनियां व्हार्टन, हार्वर्ड और एमआईटी जैसे शीर्ष अमेरिकी विश्वविद्यालयों के छात्रों को अमेरिका में ही रखने के लिए गोल्ड कार्ड खरीद सकती हैं। इस अवसर पर आईबीएम के भारतीय मूल के अमेरिकी सीईओ अरविंद कृष्णा और डेल टेक्नोलॉजीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) माइकल डेल भी मौजूद थे।