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भारत-कनाडा के बीच उच्चायुक्तों की जल्द बहाली, पीएम मोदी और प्रधानमंत्री कार्नी की मीटिंग में हुए ये बड़े फैसले

Canada: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति भारतीय अर्थव्यवस्था के आकार, गतिशीलता और भारत की नेतृत्व वाली स्थिति का प्रतिबिंब है। मार्क कार्नी ने मंगलवार को कनाडा में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी के साथ द्विपक्षीय चर्चा की।

जी7 नेताओं के शिखर सम्मेलन के समापन पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मार्क कार्नी ने कहा, "जी7 में प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति की जहां तक बात है, तो प्रधानमंत्री मोदी ने 2018 से हर जी7 में हिस्सा लिया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के आकार, भारतीय अर्थव्यवस्था की गतिशीलता, भारतीय प्रौद्योगिकी, जी20 और उससे आगे के कई स्थानों पर भारत की नेतृत्व वाली स्थिति का प्रतिबिंब है।"

कार्नी ने कहा, "इसलिए जी7 के अध्यक्ष के रूप में, उस संदर्भ में प्रधानमंत्री की मेजबानी करना पूरी तरह से स्वाभाविक, पूरी तरह से सुसंगत है। मुझे पूरी उम्मीद है कि भारत के प्रधानमंत्री, अगले साल जी7 में उपस्थित रहेंगे।" मार्क कार्नी ने पीएम मोदी के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक को "महत्वपूर्ण" बताया। 

उन्होंने कहा कि दोनों नेता फिर से उच्चायुक्तों की नियुक्ति की दिशा में आगे बढ़ेंगे। कनाडा ने भारत को खालिस्तान समर्थक अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जोड़ने का प्रयास किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। तनाव के बीच पिछले साल भारत ने अपने उच्चायुक्त और पांच अन्य राजनयिकों को वापस बुला लिया था। भारत ने कनाडा के इतने ही राजनयिकों को निष्कासित भी कर दिया था। 

भारत ने जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली पिछली सरकार पर कनाडा में खालिस्तानी समर्थक तत्वों को गतिविधियां संचालित करने की अनुमति देने का आरोप लगाया था। ट्रूडो के बाद कार्नी कनाडा के प्रधानमंत्री बने। ट्रूडो के जाने के बाद, भारत ने कहा था कि उसे कनाडा के साथ फिर से संबंध बेहतर होने की उम्मीद है।