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भारतीय प्रतिनिधिमंडल मुस्लिम देशों को क्या संदेश देना चाहता है?

भारत वैश्विक मंच पर पाकिस्तान से सीधा लोहा ले रहा है। भारत का संदेश पूरी दुनिया में पहुंचाने के लिए बहुपक्षीय प्रतिनिधिमंडल विदेश जा रहा रहा है। भारत का मुख्य मकसद ये समझना है कि दुनिया इस मुद्दे को कैसे देखती है। खास कर पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के रूप में उसके जवाब के बाद। भारत दुनिया को बताना चाहता है कि ये दो देशों की लड़ाई नहीं, बल्कि वैश्विक आतंकवाद का मुद्दा है।

दरअसल कुछ मुस्लिम देश आईएसआईएस की विचारधारा के समर्थक हैं, जबकि भारत आतंकवाद का पुरजोर विरोध कर रहा है। भारत मुस्लिम देशों को ये समझाने की कोशिश कर रहा है कि पाकिस्तान बेशक मुस्लिम बहुल देश है, लेकिन सिर्फ इसलिए उसे भारत के खिलाफ हरकतों के मामले में बख्शा नहीं जा सकता।

भारत का प्रतिनिधिमंडल मुस्लिम देशों की सरकार और राजनीति में प्रभावशाली लोगों से मिल रहा है और इन देशों के थिंक टैंक से बातचीत कर रहा है। सदस्य इन देशों में रहने वाले भारतीयों से भी बात कर रहे हैं, ताकि आतंकवाद के खिलाफ एकराय बनाई जा सके।

बातचीत और बैठकों के जरिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का मकसद ये समझाना है कि गल्फ को-ओपरेशन काउंसिल के कुछ अहम सदस्य भारत के नजरिये को कैसे देख रहे हैं। भारत का संदेश बिल्कुल साफ है कि वो शांति का पक्षधर तो है, लेकिन आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।