बुधवार रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने गुरुवार सुबह दिल्ली-एनसीआर की रफ्तार थाम दी। राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों में कई सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे भारी ट्रैफिक जाम और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली में महरौली-बदरपुर (एमबी) रोड सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रही। यहां भारी जलभराव के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। कई वाहन पानी में आधे डूबे नजर आए, जबकि जल निकासी व्यवस्था बारिश के आगे पूरी तरह विफल दिखाई दी। इसके अलावा बुराड़ी इलाके की सड़कें भी पानी में डूब गईं। वहीं, अक्षरधाम मंदिर के पास एनएच-24 पर भी लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला।
दक्षिणी दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित राजा धीर सिंह मार्ग पर लगातार दूसरे दिन देर रात दो बड़े पेड़ गिर गए। इनमें से एक पेड़ इस्कॉन मंदिर के पास और दूसरा नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के निकट गिरा। एक कार पेड़ के नीचे दब गई, हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। इससे पहले मंगलवार को भी इसी सड़क पर पेड़ गिरने से दो लग्जरी कारें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। यातायात सुचारु रखने के लिए मौके पर ट्रैफिक पुलिस तैनात की गई।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि गाजीपुर के पास एनएच-24 पर भारी जलभराव के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़क पर जमा पानी निकालने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और संबंधित एजेंसियां राहत कार्य में जुटी हैं। दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के अन्य शहरों में भी हालात गंभीर रहे। नोएडा के सेक्टर-75 में सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। वहीं, गाजियाबाद के इंदिरापुरम और अभय खंड क्षेत्रों में भी भारी जलभराव देखने को मिला। कई लोगों को घुटनों तक पानी में पैदल चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
दो दिनों से जारी बारिश के बाद स्थानीय लोगों ने नगर निकायों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं हजारों दैनिक यात्रियों के लिए गुरुवार की सुबह मुश्किलों भरी रही। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में प्रशासन तथा ट्रैफिक पुलिस स्थिति सामान्य करने में जुटी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।