Breaking News

पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना हुए     |   FIFA 2026: अर्जेंटीना ने स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराया, सेमीफाइनल में बनाई जगह     |   UAE, कतर, बहरीन, जॉर्डन... दहल उठे अमेरिकी ठिकाने, ईरान का जबरदस्त पलटवार     |   अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के जवाबी हमलों के बाद कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में धमाके     |   ईरान ने मध्य-पूर्व में कई अमेरिकी ठिकानों पर फिर से हवाई हमले किए     |  

Madhya Pradesh: बाघों की मौत पर उच्च न्यायालय गंभीर, केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस

Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य में बाघों की मौत के लगातार बढ़ते आंकड़ों पर गंभीरता जताते हुए केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ राष्‍ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। अदालत ने वन्य जीव कार्यकर्ता अजय दुबे की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए ये नोटिस जारी किया।

याचिका में ‘टाइगर स्टेट’ मध्य प्रदेश में बाघों के जीवन असुरक्षित होने को चुनौती देते हुए बताया गया कि सिर्फ साल 2025 में राज्य में सबसे ज्यादा 54 बाघों की मौत हुई है। याचिका में बताया गया कि ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ की शुरुआत के बाद से एक साल में सबसे ज्यादा बाघों की मौत हुई है और इनमें से 57 प्रतिशत की मौत का कारण अप्राकृतिक है।

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की पीठ ने याचिका को गंभीरता से लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार के वन और पर्यावरण विभाग और राष्‍ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से जवाब तलब किया।

याचिका में राज्य में बाघों के शिकार को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने, विशेषज्ञों की सिफारिशों को तुरंत लागू करने और संबंधित अधिकारियों के बीच तालमेल स्थापित करने के निर्देश देने का भी आग्रह किया गया। याचिका में बताया गया कि दुनिया में बाघों की कुल आबादी 5,421 है, जिसमें से भारत में 3167 बाघ हैं, जिसमें से लगभग 25 प्रतिशत आबादी यानी 785 बाघ मध्यप्रदेश में हैं।

दुबे ने याचिका में बताया गया कि साल 2025 में मध्य प्रदेश में 54 बाघों की मौत हुई है जबकि 2022 में 43, 2023 में 45 और 2024 में 46 मौतें हुई थीं। याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य सांघी और अलका सिंह ने पैरवी की।