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कांग्रेस ने गिरफ्तार विधायक राहुल ममकूटाथिल से खुद को किया अलग

कांग्रेस ने रविवार को यौन उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार विधायक राहुल ममकूटाथिल से खुद को अलग कर लिया और कहा कि उन्हें बहुत पहले ही पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन ने कहा कि पार्टी ने पलक्कड़ विधायक को उनके कथित गलत कामों का पता चलने के बाद पार्टी से निकाल दिया था। उन्होंने कहा, “उसके बाद वो हमारी जिम्मेदारी नहीं हैं और पार्टी किसी भी बात के लिए जवाबदेह नहीं है।” ममकूटाथिल को पार्टी से निकाले जाने का जिक्र करते हुए मुरलीधरन ने कहा कि पार्टी ने सही समय पर अपना “ब्रह्मास्त्र” इस्तेमाल किया था और इसलिए अब उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है।

ममकूटाथिल के कांग्रेस टिकट पर विधायक चुने जाने के बारे में पूछे जाने पर मुरलीधरन ने दोहराया कि पार्टी ने उनकी गलती पाए जाने के बाद उन्हें निष्कासित कर दिया था। उन्होंने कहा, “बाद में उन्होंने चाहे जो भी हथियाने की कोशिश की हो, उससे हमारा क्या लेना-देना है? हमने वही किया जो जरूरी था। हमने पाया कि वह हमारे साथ रहने के लायक नहीं थे।” उन्होंने कहा कि ममकूटाथिल के खिलाफ सरकार और पुलिस को आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस कभी भी गलत काम का समर्थन नहीं करती। अगर हमें कोई गलती मिलती है, तो उसे करने वाले के खिलाफ सजा शुरू की जाती है। मुरलीधरन ने आगे कहा कि कांग्रेस यह दावा करने की परंपरा का पालन नहीं करती कि उसके सभी कार्य सही हैं जबकि दूसरों के गलत। उन्होंने कहा, “हमने कभी भी सोने के चोरों या अय्याशों का समर्थन नहीं किया है।”

ममकूटाथिल के विधायक बने रहने पर मुरलीधरन ने कहा कि उन्हें बहुत पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था। उन्होंने कहा, “चूंकि हमने उन्हें निष्कासित कर दिया है, इसलिए हमें उनका इस्तीफा मांगने का कोई अधिकार नहीं है। हम उन्हें व्हिप भी जारी नहीं कर सकते।”  उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी ने कार्रवाई की। वहीं दूसरी ओर इसी तरह के मामले का सामना कर रहे सीपीआई(एस) नेता का दावा है कि वे दोबारा चुनाव लड़ेंगे।” मुरलीधरन ने आरोप लगाया कि अपराधों की जानकारी होने के बावजूद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सीपीआई (एम) नेता को दो बार चुनाव लड़ने की इजजात दी।