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आंध्र प्रदेश में भारी बारिश से बिगड़े हालात, 80 से ज्यादा जगहों पर 100 मिमी से अधिक बारिश, चक्रवात का खतरा

आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश हुई है। लगातार बारिश को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) ने मैदानी स्तर के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा है। बुधवार सुबह 8:30 बजे से गुरुवार सुबह 7 बजे तक राज्य में 80 से अधिक स्थानों पर 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

सबसे ज्यादा बारिश विशाखापत्तनम में दर्ज की गई। विशाखा ग्रामीण के तुलसीनगर में 236 मिमी बारिश हुई, जबकि मधुरवाड़ा में 218 मिमी और एंडाडा में 210 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सीतम्मधारा में 205 मिमी, कपुलुप्पाडा में 202 मिमी और महारानीपेटा में 199 मिमी बारिश हुई।

इसके अलावा विजयनगरम के कोठावलासा में 188 मिमी, विशाखापत्तनम के पेंडुर्थी में 179 मिमी, बुचिराजुपालेम में 171 मिमी और श्रीकाकुलम के लक्ष्मीनरसुपेटा में 158 मिमी बारिश दर्ज की गई। काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, एनटीआर, कोनसीमा, एलुरु और पोलावरम समेत कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश हुई।

निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह

भारी बारिश के बाद प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अचानक बाढ़ और जलभराव के खतरे को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। APSDMA के अधिकारियों ने बताया कि मैदानी स्तर के अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दलों को तैनात रखा गया है। APSDMA के प्रखर जैन ने कहा कि अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और जमीनी स्थिति की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

चक्रवात के खतरे के बीच RTGS भी हाई अलर्ट पर

उत्तर आंध्र में चक्रवात के खतरे को देखते हुए राज्य सचिवालय स्थित रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। RTGS का कमांड कंट्रोल सेंटर AWARE विंग के साथ मिलकर चक्रवात की दिशा, मौसम की स्थिति, बारिश, हवा की गति और प्रभावित जिलों की जमीनी स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।

विभाग के सचिव भास्कर कटामनेनी और RTGS के CEO प्रखर जैन प्रभावित क्षेत्रों में चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। राज्य स्तर से लेकर जिला और मैदानी स्तर तक अधिकारियों को लगातार मौसम संबंधी जानकारी और चेतावनियां भेजी जा रही हैं।

RTGS ने लोगों से AWARE ऐप और AWARE वेबसाइट के जरिए चक्रवात की ताजा स्थिति और अपने क्षेत्र के मौसम संबंधी अलर्ट पर नजर रखने की अपील की है। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से जारी सावधानियों का पालन करने की सलाह दी गई है।