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शबरिमला सोना चोरी मामला, केरल विधानसभा में दूसरे दिन भी हंगामा, UDF का प्रदर्शन

कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (विपक्ष) ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन केरल विधानसभा की कार्यवाही बाधित की। विपक्ष ने शबरिमला से कथित तौर पर सोने की चोरी का मुद्दा उठाया। विपक्ष ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर शबरिमला सोने की चोरी से जुड़े मामलों की एसआईटी जांच में "हस्तक्षेप" करने का आरोप लगाते हुए और राज्य के देवस्वम मंत्री वी. एन. वासवन के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने सदन में तख्तियां और बैनर लहराए और सत्तारूढ़ वामपंथी सरकार के खिलाफ नारे लगाए।

विपक्ष के विरोध के बाद, अध्यक्ष ए. एन. शमशीर ने प्रश्नकाल स्थगित कर दिया और अन्य कार्यवाही शुरू की। प्रश्नकाल शुरू होते ही, विपक्ष ने अध्यक्ष को सूचित किया कि शबरिमला सोने चोरी के मुद्दे पर सरकार के रुख और तंत्री (प्रधान पुजारी) कंदारारु राजीवरु की गिरफ्तारी के कारण वो सदन की कार्यवाही में सहयोग नहीं करेंगे। वरिष्ठ कांग्रेस विधायक के. बाबू ने सदन को यूडीएफ का पक्ष बताया क्योंकि विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशान अपनी 'नवयुग यात्रा' पर बाहर हैं।

अध्यक्ष के मंच के सामने तख्तियां और बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन करने के बाद, विपक्ष सदन के वेल में बैठ गया और सत्ताधारी गठबंधन के खिलाफ नारे लगाता रहा। सत्ताधारी एलडीएफ ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए मंत्रियों पी. राजीव और एम.बी. राजेश से कहा कि यूडीएफ पिछले पांच वर्षों में सरकार के खिलाफ एक भी अविश्वास प्रस्ताव नहीं ला सका।

उन्होंने ये भी कहा कि विपक्ष सरकार के 21 मंत्रियों में से किसी के भी खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी मामला सामने नहीं ला सका। मंत्रियों ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष पर "राजनीतिक दिवालियापन" का आरोप लगाया और कहा कि वो राज्य के हितों के खिलाफ हैं। केरल विधानसभा में सोमवार को भी संक्षिप्त विराम के बाद जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो शबरिमला सोना चोरी मामले और तंत्री (प्रधान पुजारी) कंदारारु राजीवरु की गिरफ्तारी के मुद्दे पर सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। यूडीएफ ने बाद में कार्यवाही का बहिष्कार किया और सदन से बाहर चले गए, जिसके बाद अध्यक्ष ए.एन. शमसीर ने कार्यवाही को संक्षिप्त करते हुए सत्र को स्थगित कर दिया।