देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई। ध्वज फॉर्मेशन में 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के 4 Mi-17 V5 हेलीकॉप्टरों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते हुए फूलों की पंखुड़ियों की बारिश की। हेलीकॉप्टरों के इस फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत ने किया।
77वें गणतंत्र दिवस की परेड कर्तव्य पथ पर शुरू हो गई है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे, यहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी. इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी यहां मौजूद हैं. देशभर में आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. इस साल गणतंत्र दिवस का मुख्य थीम ‘‘वंदे मातरम के 150 वर्ष'' है. कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस समारोह की अगुवाई कर रही हैं. परेड लगभग 90 मिनट तक चलेगी. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हैं. परेड का नेतृत्व परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भावनिश कुमार, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, दिल्ली एरिया कर रहे हैं, जो दूसरे पीढ़ी के अधिकारी हैं. परेड में पहली बार भारतीय सेना का चरणबद्ध 'बैटल ऐरे फॉर्मेट' प्रदर्शित किया जा रहा है, जिसमें हवाई घटक भी शामिल होगा. इसमें एक उच्च गतिशीलता वाला टोही वाहन और भारत का पहला स्वदेश निर्मित बख्तरबंद हल्का विशेष वाहन है.
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर का झंडा लिए भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर उड़ाए जा रहे हैं. इन झंडो को देख हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा होता है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान को घुटनों पर आने के लिए मजबूर कर दिया था. कर्तव्य पथ पर राजपूत रेजिमेंट की टुकड़ी ने मार्च किया, तो उनके कदमताल से पूरे माहौल में जोश भर गया. इसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट विकास खत्री कर रहे हैं. यह भारतीय सेना की सबसे पुरानी और सबसे सम्मानित इन्फैंट्री रेजिमेंट में से एक है, जिसने 250 से ज़्यादा सालों तक शानदार सेवा दी है.