आज 26 जनवरी 2026 को देशभर में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और गर्व के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ (European Union) के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन है। इनकी उपस्थिति भारत और यूरोपीय संघ के बीच मजबूत होते रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को दर्शाती है।
भारत इस साल अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. यह वही दिन है जब देश ने अपना संविधान अपनाया और औपचारिक रूप से एक गणराज्य बना, यानी अपने औपनिवेशिक अतीत से पूरी तरह अलग हुआ. हर साल होने वाली गणतंत्र दिवस की भव्य परेड दिल्ली के ऐतिहासिक राजपथ (अब कर्तव्य पथ) पर होती है. इसमें सैन्य टैंक गुजरते हैं, लड़ाकू विमान आसमान में गर्जना करते हैं और हज़ारों लोग इसे देखते हैं.
गणतंत्र दिवस पर किसी विदेशी नेता को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करना भारत की परंपरा रही है। यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि भारत वैश्विक मंच पर एक मजबूत, भरोसेमंद और प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभर रहा है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार, तकनीक, जलवायु परिवर्तन, सुरक्षा और डिजिटल सहयोग जैसे कई अहम क्षेत्रों में साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। ऐसे में गणतंत्र दिवस पर उनकी मौजूदगी द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा देती है।