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दिल्ली के मुख्यमंत्री पर हमला करने वाले आरोपी राजेश को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को जनसुनवाई के दौरान हमले के आरोपित राजेश भाई खिमजी को दिल्ली पुलिस ने देर रात तीस हजारी कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। पुलिस ने आरोपित की सात दिन के कस्टडी की मांग की। कोर्ट ने आरोपित को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। अब पुलिस आरोपित से मामले से जुड़े विभिन्न पहलू पर पूछताछ करेगी। दिल्ली पुलिस ने संभवतः सुरक्षा कारणों से देर रात गुपचुप तरीके से आरोपित को पेश कर रिमांड पर लिया। पुलिस को दिन में आरोपित को पेश करने पर हंगामे या उस पर हमले का अंदेशा था।

हमलावर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 132/221 के तहत सिविल लाइंस थाने में हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया है। पीड़ित को गंभीर चोट लगने पर धारा 109(1) लगती है, जिसके तहत आजीवन कारावास तक की सजा का प्रविधान है। हालांकि, धारा 109 में 10 साल की सजा का ही प्रविधान है। धारा 132 सरकारी कर्मी को चोट पहुंचाने, कार्य में बाधा डालने पर लगती है। इसमें दो साल सजा है। धारा 221 में सरकारी कार्य में बाधा डालने के तहत तीन महीने की सजा और दो हजार जुर्माना है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जनसुनवाई के दौरान खुद पर हुए हमले को लेकर एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी है। उन्होेने कहा आज सुबह जनसुनवाई के दौरान मेरे ऊपर हुआ हमला केवल मेरे ऊपर नहीं, बल्कि दिल्ली की सेवा और जनता की भलाई के हमारे संकल्प पर किया गया एक कायराना प्रयास है। स्वाभाविक है कि इस हमले के बाद मैं सदमे में थी, परन्तु अब बेहतर महसूस कर रही हूं। मैं अपने सभी शुभचिंतकों से निवेदन करती हूं कि कृपया मुझसे मिलने के लिए परेशान न हों। मैं बहुत जल्द ही आपके बीच काम करती हुई दिखाई दूंगी। ऐसे हमले मेरे हौसले और जनता की सेवा के संकल्प को कभी तोड़ नहीं सकते। अब मैं पहले से कहीं अधिक ऊर्जा और समर्पण के साथ आपके बीच रहूंगी। जनसुनवाई और जनता की समस्याओं का समाधान पहले की तरह ही गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा। आपका विश्वास और समर्थन ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। आपके अपार स्नेह, आशीर्वाद और शुभकामनाओं के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।