Breaking News

टीम इंडिया के हेड कोच गंभीर मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे, बप्पा के दर्शन किए     |   खड़गे को नरवणे की बुक से कोट की इजाजत नहीं मिलने पर विपक्ष का राज्यसभा से वॉकआउट     |   गुजरात HC ने 45000 वर्ग मीटर जमीन आसाराम से वापस लेने की राज्य सरकार को मंजूरी दी     |   लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित     |   कांग्रेस सांसद इमरान मसूद बोले- पहले राहुल जी को सुनें, उसके बाद ही प्रधानमंत्री को बोलने देंगे     |  

विजय के समर्थन में उतरे राहुल गांधी, कहा- ‘जन नायकन’ को रोककर तमिल संस्कृति पर हमला कर रही सरकार

Jana Nayagan: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि अभिनेता विजय की फिल्म 'जन नायकन' को ‘रोकने की केंद्र सरकार की कोशिश’ तमिल संस्कृति पर हमला है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘तमिल लोगों की आवाज दबाने’ में कभी कामयाब नहीं होंगे।

राहुल का ये बयान तमिल फिल्म ‘जन नायकन’ के निर्माता के उच्चतम न्यायालय में मद्रास उच्च न्यायालय के एक अंतरिम आदेश को चुनौती देने के एक दिन बाद आया है। मद्रास उच्च न्यायालय ने फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाण बोर्ड (सीबीएफसी) से मंजूरी मिलने के एकल न्यायाधीश के आदेश पर रोक लगा दी थी।

मद्रास उच्च न्यायालय ने नौ जनवरी को एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी थी जिसमें सीबीएफसी को जन नायकन को तुरंत सेंसर प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया गया था, जिससे अभिनय की दुनिया से राजनीति में आए विजय की फिल्म का भविष्य अधर में लटक गया।

राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘सूचना और प्रसारण मंत्रालय की 'जन नायकन' को रोकने की कोशिश तमिल संस्कृति पर हमला है।’’ लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘मिस्टर मोदी, आप तमिल लोगों की आवाज दबाने में कभी कामयाब नहीं होंगे।’’

केवीएन प्रोडक्शंस एलएलपी ने पिछले शुक्रवार को उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश के खिलाफ अपील की है, जिसने बोर्ड को फिल्म का प्रमाणपत्र तुरंत जारी करने के एकल पीठ के निर्देश पर रोक लगा दी थी।

विजय ने कुछ महीने पहले अपना राजनीतिक दल तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) बनाया है और ‘जन नायकन’ को विजय के राजनीति में पूरी तरह से प्रवेश से पहले उनकी आखिरी फिल्म के तौर पर बड़े पैमाने पर प्रचारित किया जा रहा है।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार फिल्म पोंगल के अवसर पर नौ जनवरी को रिलीज़ होने वाली थी। हालांकि, सीबीएफसी के समय पर प्रमाणपत्र जारी नहीं करने के बाद फिल्म को आखिरी समय में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।