New Delhi: केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों द्वारा अहमदाबाद को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का अधिकार देने का निर्णय भारत के लिए गौरव का क्षण है क्योंकि देश 2047 तक खेलों में महाशक्ति बनने का प्रयास कर रहा है।
ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेलों की आम सभा के दौरान अहमदाबाद को शताब्दी सत्र की मेजबानी के अधिकार औपचारिक रूप से प्रदान किए गए जिससे दो दशकों के बाद इस आयोजन के भारत में वापसी का रास्ता साफ हो गया। मांडविया ने कहा, ‘‘यह एक प्रतिष्ठित क्षण है कि भारत शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन की मेजबानी करेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत प्रमुख आयोजनों की मेजबानी करने में सक्षम है और 2047 तक शीर्ष पांच खेल देशों में शामिल होगा।’’ पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों के कार्यकारी बोर्ड द्वारा अहमदाबाद को प्रस्तावित मेजबान के रूप में अनुशंसित किए जाने के बाद 74 सदस्यों वाली आम सभा ने भारत की बोली पर अपनी मुहर लगा दी।