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PM मोदी ने असम के मोरान में वायुसेना के विमानों के हवाई करतब देखे

Assam: प्रधानमंत्री मोदी ने असम के डिब्रूगढ़ जिले में आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) पर वायु सेना के लड़ाकू विमानों और परिवहन हेलीकॉप्टर के हवाई करतब देखे। पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी तरह की पहली 4.2 किलोमीटर लंबी यह ईएलएफ मोरान में विकसित की गई है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री ने अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान किया।

बीस मिनट से अधिक समय के हवाई करतब में वायुसेना के पायलटों ने मोरान बाईपास स्थित ईएलएफ से सटीक उड़ान भरी और उतरे। सबसे पहले सुखोई-30 एमकेआई और उसके बाद राफेल विमान ने उड़ान भरी।

माल और यात्रियों दोनों के परिवहन के लिए डिजाइन वायुसेना के ‘वर्कहॉर्स’ एएन-32 विमान ने भी करतब दिखाया। इसके बाद सुखोई-30 एमकेआई और राफेल के तीन-तीन विमानों के समूह ने तेजी से लगातार अंतराल में मोरान के आसमान में उड़ान भरी।

हवाई करतब के दौरान एक-एक सुखोई-30 एमकेआई और राफेल विमान ईएलएफ पर उतर गए, लेकिन अन्य विमान उतरे बिना या हवाई पट्टी को छुए बिना ही फिर ऊपर उड़ गए। स्वदेशी उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) ने एक खास तरह का सैन्य अभ्यास दिखाया, जिसमें कमांडो हवाई पट्टी पर उतरते दिखे।

एएलएच के एक अन्य विमान ने राहत अभियान और चिकित्सा निकासी प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पहले कहा था कि किसी ईएलएफ पर इस तरह का यह पहला “विस्तृत” अभ्यास होगा, जिसमें करीब 16 विमान भाग ले रहे हैं।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से मोरान बाईपास पर विकसित इस ईएलएफ को आपात स्थिति में सैन्य और नागरिक विमानों के उतरने व उड़ान भरने में मदद के लिए वायुसेना के समन्वय से विशेष रूप से डिजाइन और बनाया गया है।