27 साल की उम्र में एक लड़का एक राजनीतिक पार्टी का दामन थामता है. लगातार चुनाव जीतता जाता है. फिर भी वो सियासी पहचान नहीं मिलती जैसा कि ज्यादातर नेताओं का सपना होता है. 80 साल में वही लड़का उसी पार्टी का अध्यक्ष बन जाता है और डूबती हुई पार्टी को उबारने का काम करता है. वो पार्टी कांग्रेस है और उस शख्स का नाम है- मल्लिकार्जुन खरगे.