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ISIS भर्ती मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, बेंगलुरु में 8 ठिकानों पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को ISIS भर्ती मामले में बेंगलुरु के आठ ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक, सुबह से ही छापेमारी जारी है। ED के बेंगलुरु जोनल कार्यालय की टीम ने उन संदिग्धों से जुड़े परिसरों को निशाना बनाया, जिनके खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दर्ज FIR के आधार पर ED ने ECIR दर्ज की थी। यह मामला बेंगलुरु स्थित इकरा वेलफेयर ट्रस्ट, गाइडेंस फॉर मैनकाइंड और अन्य लोगों से जुड़ा है।

NIA की FIR में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 17 (आतंकवाद के लिए धन जुटाना), 18 (आतंकवाद की तैयारी) और 18B (आतंकवाद के लिए लोगों की भर्ती) के तहत आरोप लगाए गए हैं। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में NIA ने इरफान नासिर, अहमद अब्दुल कादर, मोहम्मद तौकीर महमूद, जुहाब हमीद शकील मन्ना और मोहम्मद शिहाब को आरोपी बनाते हुए चार्जशीट दाखिल की।

चार्जशीट के अनुसार, सभी आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS/ISIL/Daesh से जुड़े थे और उन्होंने बेंगलुरु के मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और ISIS में शामिल होने के लिए प्रेरित करने की साजिश रची। अधिकारियों के मुताबिक, युवाओं की पहचान कर उन्हें 'इकरा कैंप' नामक पर्सनैलिटी डेवलपमेंट वर्कशॉप और उससे जुड़े साप्ताहिक 'कुरान सर्कल' के जरिए कट्टरपंथी बनाया गया और भर्ती की गई। इसके अलावा, धन जुटाकर युवाओं को तुर्की के रास्ते सीरिया भेजने की सुविधा दी गई, ताकि वे ISIS में शामिल होकर सीरियाई सरकार के खिलाफ लड़ सकें।

अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि समूह ने CAA/NRC विरोधी प्रदर्शनों से जुड़े भावनात्मक मुद्दों का फायदा उठाकर मुस्लिमों को गैर-मुस्लिमों के खिलाफ भड़काने और सुरक्षित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ISIS की विचारधारा फैलाने की कोशिश की। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने व्यक्तियों, ट्रस्टों और अपनी बचत से धन जुटाकर मुस्लिम युवाओं को ISIS के लिए लड़ने के उद्देश्य से अवैध रूप से विदेश भेजने में मदद की।