Breaking News

स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा, जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता से मारपीट का है आरोप     |   खराब मौसम के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित, 9 फ्लाइट डायवर्ट     |   बिहार: 4-5 दिनों में बढ़ेगा गंगा का जलस्तर, बक्सर समेत 7 जिलों में बाढ़ का खतरा     |   एअर इंडिया ने नशे में फ्लाइट उड़ाने वाले पायलट को नौकरी से निकाला, पॉजिटिव थी जांच     |   महाराष्ट्र: रत्नागिरी में लैंडस्लाइड, रघुवीर घाट बंद; 15-20 गांवों का संपर्क टूटा     |  

कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम बदला, अब 'शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी रेलवे स्टेशन' हुआ

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि कठुआ रेलवे स्टेशन का नया नाम 'शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी रेलवे स्टेशन, कठुआ' रखा गया है। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा कि यह फैसला लोगों की मांग पर लिया गया है। कैप्टन सुनील कुमार चौधरी ने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था, इसलिए उनके सम्मान में रेलवे स्टेशन का नाम उनके नाम पर रखा गया है। कैप्टन सुनील कुमार चौधरी भारतीय सेना की 11 गोरखा राइफल्स में अधिकारी थे। उन्होंने करीब तीन साल तक सेना में सेवा की और कई अहम अभियानों में हिस्सा लिया। अपनी बहादुरी और देश के लिए बलिदान देने पर उन्हें सेना मेडल और मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।

कैप्टन सुनील कुमार चौधरी का जन्म 22 जून 1980 को जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में हुआ था। उनके पिता पी. एल. चौधरी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल थे। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से की। इसके बाद पुणे के गरवारे कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन किया और फिर सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई शुरू की। एमबीए के दौरान उनके छोटे भाई अंकुर चौधरी का चयन नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में हो गया। इसी समय सुनील चौधरी ने परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज कुमार पांडेय की बहादुरी के बारे में पढ़ा। उनकी कहानी से प्रेरित होकर उन्होंने भी भारतीय सेना में शामिल होने का फैसला किया।