कर्नाटक की कांग्रेस सरकार और विपक्षी दल बीजेपी के बीच मंगलवार को विधानसभा में ग्रेटर बेंगलुरू गवर्नेंस विधेयक पारित करने को लेकर टकराव हुआ। कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने बीजेपी पर प्रगतिशील नीतियों का विरोध करने का आरोप लगाया। वहीं बीजेपी विधायक भरत शेट्टी ने कहा कि ये विधेयक शहर पर राजनैतिक पावर हासिल करने की सरकार की योजना का हिस्सा है।
वहीं बीजेपी विधायक भरत शेट्टी ने आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ एक राजनैतिक नौटंकी है और वे चाहते हैं कि बैंगलोर पर कई निगमों पर उनका कंट्रोल हो।
इस विधेयक में बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) को सात नगर निगमों में बांटने की सिफारिश की गई है। इसमें समन्वय और पर्यवेक्षण के लिए बृहत बेंगलुरू प्राधिकरण (जीबीए) के गठन और महापौर और उप महापौर के लिए 30 महीने के कार्यकाल का भी प्रावधान है।