जनता दल यूनाइटेड यानी जेडीयू के वरिष्ठ नेता के. सी. त्यागी ने रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया और उनकी जगह राजीव रंजन प्रसाद को ये जिम्मेदारी सौंपी गई है। जेडीयू की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि के. सी. त्यागी ने निजी वजहों से राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दिया है। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार की नीतियों पर अक्सर की जाने वाली के. सी. त्यागी की टिप्पणियां जेडीयू और उसकी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के संबंधों में असहजता की वजह बन रही थी। के. सी. त्यागी दिल्ली में रहते हैं और अपने अनुभव और बेबाकी से बोलने की वजह से मीडिया में खास पहचान रखते हैं।
सूत्रों ने बताया कि चाहे समान नागरिक संहिता हो, वक्फ (संशोधन) विधेयक हो या फिलिस्तीन के मुद्दे पर सरकार का रुख या फिर दूसरे मुद्दे हों, समाजवादी नेता के. सी. त्यागी का मुखर रुख पार्टी के भीतर के कई नेताओं को रास नहीं आया और इन वजहों से बीजेपी को भी असहज हालात का सामना करना पड़ा। जेडीयू सूत्रों का कहना है कि पार्टी चाहती है कि केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह और पार्टी संसदीय दल के नेता और कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा बीजेपी के साथ संबंधों को मजबूत बनाने में भूमिका निभाएं।
सूत्रों ने बताया कि बीजेपी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में मतभेद को लेकर अक्सर होने वाली चर्चाओं को विराम देने के लिए सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के वास्ते घटक दलों के नेताओं से संपर्क कर रही है। बयान के मुताबिक जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने राजीव रंजन प्रसाद को पार्टी का नया राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया है। राजीव रंजन प्रसाद मौजूदा समय में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव हैं। जेडीयू के अनुभवी नेता के. सी. त्यागी को मई 2023 में राष्ट्रीय प्रवक्ता के साथ ही ‘विशेष सलाहकार’ नियुक्त किया गया था।
उनकी नियुक्ति के संबंध में जारी बयान में कहा गया था कि के. सी. त्यागी के संगठनात्मक अनुभव का लाभ उठाने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री और पार्टी के प्रमुख नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी का विशेष सलाहकार और मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है।