जम्मू कश्मीर में श्री माता वैष्णो देवी सीट मई 2022 में परिसीमन के बाद रियासी विधानसभा सीट से काटकर बनाई गई थी। ये जम्मू कश्मीर की 90 विधानसभा सीट में एक है और जम्मू लोकसभा सीट में पड़ती है। दुनिया भर में मशहूर माता वैष्णो देवी मंदिर त्रिकुटा पहाड़ियों पर 5,200 फीट की ऊंचाई पर है। यहां हर साल भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
इस सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी के बलदेव राज शर्मा, कांग्रेस के भूपिंदर सिंह और पूर्व मंत्री और निर्दलीय उम्मीदवार जुगल किशोर शर्मा के बीच है। बीजेपी उम्मीदवार की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। उन्हें पार्टी की शुरुआती पसंद रोहित दुबे के समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि पार्टी का कहना है कि अब कोई विवाद नहीं है और दोनों गुट एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे।
वोटरों में दस साल बाद मताधिकार का इस्तेमाल करने को लेकर जोश है। साथ में उनकी मांगें भी हैं। इस सीट पर बारीदार समुदाय की आबादी करीब 15,000 है। उन्होंने अपनी पुरानी मांगें पूरी करने के लिए बारीदार संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्याम सिंह को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतारा है।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के गठन से पहले इस समुदाय के लोग वैष्णो देवी मंदिर का मैनेजमेंट करते थे। जम्मू कश्मीर में 18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर को तीन दौर में वोटिंग होगी। श्री माता वैष्णो देवी सीट पर 25 सितंबर को वोटिंग है।
जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव: श्री माता वैष्णो देवी सीट का लेखा-जोखा
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