Breaking News

पिछले 24 घंटों में इजरायल के खिलाफ किए 60 से ज्यादा सैन्य ऑपरेशन, हिज्बुल्लाह का दावा     |   बंगाल SIR: 27 लाख से ज्यादा मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर, EC ने पहली बार जारी किया जिलेवार डेटा     |   ईरान ने दक्षिणी इजरायल में दागी कई मिसाइल, कई इलाकों में बजे सायर     |   एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से दिया इस्तीफा     |   नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में नई स्कीमों को मंजूरी, फ्लैट खरीदारों को मिलेगी राहत     |  

IIT दिल्ली के रिसर्चरों ने तेज गति से ऑटोमेटिड लैंडस्लाइड मैपिंग के लिए लॉन्च किया टूल

आईआईटी दिल्ली के रिसर्चरों ने दावा किया है कि उन्होेंने लैंडस्लाइड की रैपिड एंड ऑटोमेटिड मैपिंग के लिए एक एडवांस टूल एमएल-कैस्केड को डेवलेप किया है। रिसर्चरों के मुताबिक ये टूल मशीन लर्निंग और क्लाउड कंप्यूटिंग पर आधारित है, लैंडस्लाइड की सीमा को मैप करने के लिए सैटेलाइट डेटा का उपयोग करता है।

रिसर्चरों के मुताबिक, ये इनोवेशन ट्रैडिशनल डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोसेज को व्यवस्थित करता है, जो फील्ड सर्वे और ड्रोन पर निर्भर है जिसकी वजह के इसके नतीजे सटीक होते हैं। ये टूल सैटेलाइट डेटा को यूटिलाइज करने के लिए मशीन लर्निंग और क्लाउड कंप्यूटिंग का उपयोग करता है, जिससे लैंडस्लाइड का सटीक आकलन होता है।

रिसर्चरों का दावा है कि एमएल-कैस्केड लैंडस्लाइड के कॉम्पलेक्स क्लस्टर्स को केवल पांच मिनट में मैप कर सकता है, जबकि नॉर्मल लैंडस्लाइड का एनालिसिस केवल दो मिनट में किया जा सकता है, जिससे इवैल्युएशन प्रोसेज काफी तेज हो जाता है। रिसर्चरों ने दिखाया कि कैसे ये टूल केवल दो इनपुट घटना की तारीख और जगह का उपयोग करके लैंडस्लाइड की सीमा को दिखाता है।

लैंडस्लाइड के अलावा, डेवलपरों ने बताया कि एमएल-कैस्केड को लैंडस्लाइड के अलावा अलग अलग प्राकृतिक आपदाओं, जैसे अचानक बाढ़ और भूकंप की मैपिंग के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है, जिससे आपदा प्रबंधन में इसके प्रयोग का दायरा बढ़ जाएगा।।

रिसर्च टीम एमएल-कैस्केड को प्रयोग में लाने के लिए आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ मिलकर सक्रिय रूप से काम कर रही है। अब तक इस टूल का उपयोग देशभर में 20,000 से ज्यादा लैंडस्लाइड को मैप करने के लिए किया गया है, इन आकलनों पर डेटा जल्द ही जारी होने की उम्मीद है।