Breaking News

अगर आज लोकसभा चुनाव हुए तो इंडिया ब्लॉक को 185 सीटें संभव: MOTN सर्वे     |   WB: TMC का पुलिस पर अभिषेक बनर्जी-डेरेक ओ'ब्रायन के साथ मारपीट का आरोप     |   47% लोगों ने कहा कि परिसीमन से जोड़े बिना महिला आरक्षण लागू हो: MOTN सर्वे     |   47% ने कहा राम मंदिर चढ़ावा चोरी का केंद्र-राज्य सरकारों पर नकारात्मक असर: MOTN     |   MOTN सर्वे में 70 फीसदी लोगों ने 'एक देश, एक चुनाव' का समर्थन किया     |  

खामेनेई की मौत की बाद कश्मीर में प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे सैकड़ों लोग

कश्मीर घाटी में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की US-इजरायल के हमलों में मौत की खबर के बाद लोग सड़क पर उतर आए. सैकड़ों प्रदर्शनकारी खामेनेई की बड़ी तस्वीरें और पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे हुए हैं. वे लगातार "खामेनेई जिंदाबाद" और "अमेरिका-इजरायल मुर्दाबाद" जैसे नारे लगा रहे हैं, जो उनकी कड़ी नाराजगी और विरोध को दर्शाता है. 

कश्मीर में इन प्रदर्शनों के पीछे गहरी धार्मिक और राजनीतिक वजहें हैं. अयातुल्ला अली खामेनेई को कश्मीर में एक इस्लामी क्रांतिकारी और फिलिस्तीन समर्थक नेता के रूप में देखा जाता है. ईरान का कश्मीर मुद्दे पर लंबे समय से समर्थन रहा है, ख़ासतौर से शिया समुदाय और ईरान समर्थक समूहों के बीच उनकी लोकप्रियता बहुत अधिक रही. उन्हें इस्लामी एकजुटता और शिया मुस्लिम समुदाय का प्रतीक माना जाता है.

US-इजरायल द्वारा चलाए गए "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" को यहां कई लोग इस्लाम और खासतौर से शिया मुस्लिम समुदाय पर हमला मानते हैं. इस ऑपरेशन में ईरान के 40 से अधिक टॉप नेता मारे गए हैं, जिससे मिडिल ईस्ट की स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है. कश्मीर में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत को सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं बल्कि धार्मिक और सामुदायिक भावनाओं से जुड़ा एक बड़ा विषय माना जा रहा है. इस कारण से वहां के लोग अपनी आक्रोश और विरोध प्रकट कर रहे हैं, जो भविष्य में क्षेत्र की राजनीति पर असर डाल सकता है.