गृह मंत्री अमित शाह ने "द इमरजेंसी डायरीज" नामक एक पुस्तक का विमोचन किया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपातकाल के खिलाफ भूमिका पर आधारित है। उन्होंने कहा कि 1975 में लगाया गया आपातकाल कांग्रेस की सत्ता की लालसा को दर्शाता है और यह देश की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि इंदिरा गांधी की सत्ता बचाने के उद्देश्य से लगाया गया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी आपातकाल को लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया। वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अब संख्या से अधिक गुणवत्ता पर ध्यान देना आवश्यक है, और मोदी सरकार ने इस दिशा में कई बड़े बदलाव किए हैं।
इसके साथ ही, सरकार ने झरिया कोलफील्ड के लिए रीजनल मास्टर प्लान (RMP) और आगरा में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी है। यह कदम किसानों और खनन क्षेत्रों के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।